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पंजाब कांग्रेस में वर्चस्व की जंग तेज: चन्नी-वड़िंग में छिड़ी तकरार, नए प्रभारी ने राहुल-प्रियंका से ली सलाह
Wed, 09 Sep 2026 07:53 AM IST
शाहिल शर्मा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 09 Sep 2026 07:53 AM IST
सार
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से अलग-अलग मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस दौरान पायलट ने दोनों से पंजाब की गुटबाजी व वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करने के संदर्भ में सलाह ली।
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पंजाब कांग्रेस में रार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी की नियुक्ति के बाद दो धड़ों में बंटे कांग्रेसियों ने अपना शक्ति प्रदर्शन तेज कर दिया है। खासकर पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेशाध्यक्ष एवं सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ गई है। दोनों नेता नए प्रभारी और हाईकमान को प्रदेश में अपने-अपने धड़े का दम दिखाने में जुटे हैं। दूसरी ओर, नए महासचिव प्रभारी सचिन पायलट ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिलकर उनसे पंजाब कांग्रेस के मौजूदा हालात पर सलाह ली है।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेद के चलते भले ही हाईकमान ने प्रभारी भूपेश बघेल को पंजाब की जिम्मेदारी से हटा दिया है, मगर कांग्रेसियों की गुटबाजी अभी भी कायम है। नतीजतन, दोनों धड़ों के बड़े नेताओं की राह अलग-अलग दिख रही है। इसी के चलते पूर्व सीएम चन्नी ने 07 सितंबर को जालंधर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया।
पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत चन्नी गुट के अन्य वरिष्ठ नेता भी इस दौरान मौजूद रहे मगर प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने चन्नी के साथ मंच साझा नहीं किया। इससे पहले 28 अगस्त को रखड़ पुण्या के मेले में भी पूर्व सीएम चन्नी ने अमृतसर स्थित बाबा बकाला में सियासी मंच सजाया था, मगर वहां भी प्रदेशाध्यक्ष वड़िंग और उनके धड़े के नेता नदारद थे।
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पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच चल रहे मतभेद के चलते भले ही हाईकमान ने प्रभारी भूपेश बघेल को पंजाब की जिम्मेदारी से हटा दिया है, मगर कांग्रेसियों की गुटबाजी अभी भी कायम है। नतीजतन, दोनों धड़ों के बड़े नेताओं की राह अलग-अलग दिख रही है। इसी के चलते पूर्व सीएम चन्नी ने 07 सितंबर को जालंधर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी कार्यक्रम के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ के विरोध में राज्यस्तरीय प्रदर्शन किया।
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पूर्व डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत चन्नी गुट के अन्य वरिष्ठ नेता भी इस दौरान मौजूद रहे मगर प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने चन्नी के साथ मंच साझा नहीं किया। इससे पहले 28 अगस्त को रखड़ पुण्या के मेले में भी पूर्व सीएम चन्नी ने अमृतसर स्थित बाबा बकाला में सियासी मंच सजाया था, मगर वहां भी प्रदेशाध्यक्ष वड़िंग और उनके धड़े के नेता नदारद थे।
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चंडीगढ़ में वड़िंग ने दिखाई ताकत
08 सितंबर को प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ एक बड़ी जनसभा व प्रदर्शन का आयोजन कर अपनी ताकत हाईकमान को दिखाई। काफी संख्या में कार्यकर्ता चंडीगढ़ पहुंचे और वड़िंग गुट के वरिष्ठ कांग्रेसियों ने भी मंच साझा किया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रभारी सूरज ठाकुर भी इस दौरान मौजूद रहे, मगर पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, विधायक गुरजीत, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, विधायक परगट सिंह व सुखपाल सिंह खैहरा समेत अन्य नेता गैरहाजिर रहे।
'चन्नी मेरे बड़े भाई, वरिष्ठ नेताओं से सीखता हूं
'पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी मेरे बड़े भाई हैं। मैं वरिष्ठ नेताओं से सीखकर ही यहां तक पहुंचा हूं। मैं तो जमीन पर बैठने वाला कार्यकर्ता था। राहुल गांधी की वजह से ही सांसद और प्रदेशाध्यक्ष बना। कांग्रेस में कोई धड़ेबाजी नहीं है। जरूरी नहीं होता कि हर प्रदर्शन में सभी नेता पहुंच पाएं। मैंने प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों को साफ कह दिया है कि यदि हाईकमान मुझे पद से हटा भी देता है तो मेरे पीछे नहीं चलना, बल्कि झंडा उठाकर कांग्रेस के सिपाही की तरह आगे बढ़ते रहना है। - अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस
गुटबाजी से कैसे निपटें, पायलट ने राहुल-प्रियंका से ली सलाह
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से अलग-अलग मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस दौरान पायलट ने दोनों से पंजाब की गुटबाजी व वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करने के संदर्भ में सलाह ली। इसके अलावा बैठक में पंजाब विधानसभा चुनाव की रणनीति, पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और संगठन को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा राज्य में वरिष्ठ नेताओं के बीच गुटबाजी और मतभेदों को खत्म करना रहा। पायलट ने पार्टी को एकजुट रखने, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा फूंकने और सभी गुटों को साथ लेकर चलने का खाका भी पेश किया। सूत्र बताते हैं कि राहुल-प्रियंका ने पायलट को पंजाब में संगठनात्मक एकजुटता बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम आदमी पार्टी, भाजपा और अकाली दल के खिलाफ मजबूत रणनीति के साथ चुनाव लड़ा जा सके।
08 सितंबर को प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ एक बड़ी जनसभा व प्रदर्शन का आयोजन कर अपनी ताकत हाईकमान को दिखाई। काफी संख्या में कार्यकर्ता चंडीगढ़ पहुंचे और वड़िंग गुट के वरिष्ठ कांग्रेसियों ने भी मंच साझा किया। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रभारी सूरज ठाकुर भी इस दौरान मौजूद रहे, मगर पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, परगट सिंह, विधायक गुरजीत, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, विधायक परगट सिंह व सुखपाल सिंह खैहरा समेत अन्य नेता गैरहाजिर रहे।
'चन्नी मेरे बड़े भाई, वरिष्ठ नेताओं से सीखता हूं
'पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी मेरे बड़े भाई हैं। मैं वरिष्ठ नेताओं से सीखकर ही यहां तक पहुंचा हूं। मैं तो जमीन पर बैठने वाला कार्यकर्ता था। राहुल गांधी की वजह से ही सांसद और प्रदेशाध्यक्ष बना। कांग्रेस में कोई धड़ेबाजी नहीं है। जरूरी नहीं होता कि हर प्रदर्शन में सभी नेता पहुंच पाएं। मैंने प्रदेश कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों को साफ कह दिया है कि यदि हाईकमान मुझे पद से हटा भी देता है तो मेरे पीछे नहीं चलना, बल्कि झंडा उठाकर कांग्रेस के सिपाही की तरह आगे बढ़ते रहना है। - अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस
गुटबाजी से कैसे निपटें, पायलट ने राहुल-प्रियंका से ली सलाह
पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी व प्रियंका गांधी से अलग-अलग मुलाकात की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस दौरान पायलट ने दोनों से पंजाब की गुटबाजी व वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करने के संदर्भ में सलाह ली। इसके अलावा बैठक में पंजाब विधानसभा चुनाव की रणनीति, पार्टी के आगामी कार्यक्रमों और संगठन को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा राज्य में वरिष्ठ नेताओं के बीच गुटबाजी और मतभेदों को खत्म करना रहा। पायलट ने पार्टी को एकजुट रखने, कार्यकर्ताओं में ऊर्जा फूंकने और सभी गुटों को साथ लेकर चलने का खाका भी पेश किया। सूत्र बताते हैं कि राहुल-प्रियंका ने पायलट को पंजाब में संगठनात्मक एकजुटता बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आम आदमी पार्टी, भाजपा और अकाली दल के खिलाफ मजबूत रणनीति के साथ चुनाव लड़ा जा सके।