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हड़ताली कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस: पंजाब सरकार को चेतावनी, वापस न लिए नोटिस तो 8 सितंबर को फिर हड़ताल

Tue, 01 Sep 2026 11:59 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 01 Sep 2026 11:59 AM IST
सार

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि 27 अगस्त की सामूहिक हड़ताल अचानक नहीं हुई थी। कर्मचारियों ने विभिन्न चरणों में आंदोलन के बाद सरकार को पूर्व सूचना देकर यह कदम उठाया था। ऐसे में कारण बताओ नोटिस जारी करना अनुचित और लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है।

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Show-cause notices to striking employees Warning to Punjab government
सुभाष लांबा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने पंजाब सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कड़ी निंदा की है। 

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उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 7 सितंबर तक ये नोटिस वापस नहीं लिए गए, तो 8 सितंबर को लाखों कर्मचारी फिर से सामूहिक अवकाश लेकर कामकाज ठप करेंगे। लांबा ने कहा कि सरकार की दंडात्मक कार्रवाई के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
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लांबा ने बताया कि 27 अगस्त की सामूहिक हड़ताल अचानक नहीं हुई थी। कर्मचारियों ने विभिन्न चरणों में आंदोलन के बाद सरकार को पूर्व सूचना देकर यह कदम उठाया था। ऐसे में कारण बताओ नोटिस जारी करना अनुचित और लोकतांत्रिक अधिकार पर हमला है। पंजाब मुलाजिम व पेंशनर्स की तालमेल कमेटी ने 12-13 सितंबर को मंत्रियों के आवासों का घेराव करने की भी चेतावनी दी है।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
सुभाष लांबा ने सरकार से पूछा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद छठे वेतन आयोग की सिफारिशें क्यों लागू नहीं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का करीब 14,191 करोड़ रुपये का बकाया लंबित है। यह राशि लगभग 3.5 लाख कर्मचारियों और 4 लाख पेंशनभोगियों का वैध अधिकार है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (एनपीएस) लागू न करने और सातवां वेतन आयोग गठित न करने पर भी सवाल उठाए।


सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील
लांबा ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों की लड़ाई केवल महंगाई भत्ते के एरियर की नहीं, बल्कि वेतन, पेंशन, रोजगार सुरक्षा और सम्मानजनक सेवा शर्तों के अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने पंजाब सरकार से कारण बताओ नोटिस तत्काल वापस लेने की मांग की है। उन्होंने हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने का आग्रह किया। लांबा ने संयुक्त तालमेल कमेटी से बातचीत कर सभी लंबित मांगों का समयबद्ध समाधान करने को कहा।

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