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मावां-धीयां सत्कार योजना: इस दिन से खातों में आएगी रकम, एकमुश्त मिल सकता है बकाया; ये महिलाएं होंगी पात्र
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 18 Jun 2026 07:00 AM IST
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सार
मान सरकार ने योजन के लिए 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। सरकार का दावा है कि इससे राज्य की करीब 97 फीसदी वयस्क महिलाओं को लाभ मिलेगा।
योजना को लेकर खुशी मनाती महिलाएं
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब सरकार मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को एडवांस राशि देने की तैयारी कर रही है। योजना का लाभ 1 जुलाई से शुरू करने के लिए वित्त विभाग अंतिम चरण की तैयारियों में जुटा है। सरकार तिमाही या छमाही आधार पर भुगतान करने के विकल्प पर विचार कर रही है। इसके चलते लाभार्थी महिलाओं के खातों में एडवांस राशि के साथ अप्रैल से देय बकाया रकम भी सीधे ट्रांसफर की जा सकती है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना की घोषणा 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में की थी। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। सरकार का दावा है कि इससे राज्य की करीब 97 फीसदी वयस्क महिलाओं को लाभ मिलेगा।
योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह और सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि योजना तिमाही आधार पर लागू होती है तो महिलाओं के खातों में एक साथ 4,000 से 6,000 रुपये तक एडवांस राशि भेजी जा सकती है। चूंकि सरकार ने योजना का लाभ 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना है इसलिए अप्रैल, मई और जून की बकाया राशि भी लाभार्थियों को दिए जाने की तैयारी है।
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महिलाओं की सहायता के लिए गांवों और मोहल्लों में महिला सत्कार सखियां तैनात की गई हैं। ये घर-घर जाकर आवेदन प्रक्रिया में मदद कर रही हैं ताकि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ समय पर पहुंच सके।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस योजना की घोषणा 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में की थी। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। सरकार का दावा है कि इससे राज्य की करीब 97 फीसदी वयस्क महिलाओं को लाभ मिलेगा।
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योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह और सामान्य व अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। यह राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यदि योजना तिमाही आधार पर लागू होती है तो महिलाओं के खातों में एक साथ 4,000 से 6,000 रुपये तक एडवांस राशि भेजी जा सकती है। चूंकि सरकार ने योजना का लाभ 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना है इसलिए अप्रैल, मई और जून की बकाया राशि भी लाभार्थियों को दिए जाने की तैयारी है।
महिलाओं की सहायता के लिए गांवों और मोहल्लों में महिला सत्कार सखियां तैनात की गई हैं। ये घर-घर जाकर आवेदन प्रक्रिया में मदद कर रही हैं ताकि पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ समय पर पहुंच सके।
प्रतिनिधियों को खाते खुलवाने के निर्देश
आम आदमी पार्टी ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र महिलाओं के बैंक खाते जल्द खुलवाना सुनिश्चित करें। कई इलाकों से खाते खुलवाने में आ रही दिक्कतों की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंची थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को बैंकों के प्रतिनिधियों से समन्वय कर समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए।
यह जानना जरूरी
आम आदमी पार्टी ने अपने सभी जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र महिलाओं के बैंक खाते जल्द खुलवाना सुनिश्चित करें। कई इलाकों से खाते खुलवाने में आ रही दिक्कतों की शिकायतें मुख्यमंत्री तक पहुंची थीं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को बैंकों के प्रतिनिधियों से समन्वय कर समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए।
यह जानना जरूरी
- योजना का लाभ लेने के लिए महिला की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- महिला का पंजाब की स्थायी निवासी होना और उसके पास वैध वोटर आईडी व आधार कार्ड होना जरूरी है।
- एक ही परिवार की एक से अधिक पात्र महिलाएं अलग-अलग लाभ प्राप्त कर सकेंगी।
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को भी पेंशन के अतिरिक्त यह राशि मिलेगी।
- सरकारी नौकरी करने वाली या सेवानिवृत्त कर्मचारी इस योजना के दायरे से बाहर रहेंगी।
- आयकर दाता महिलाएं तथा वर्तमान या पूर्व सांसद और विधायक भी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे।
- पंजीकरण प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क है। महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और विशेष पंजीकरण शिविरों में आवेदन कर सकती हैं।