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सियासी बिसात तैयार: होशियारपुर में इस बार पार्टी या व्यक्ति नहीं मुद्दे रहेंगे हावी, आप को देना होगा हिसाब

Tue, 15 Sep 2026 10:36 AM IST
Nivedita डाॅ. संजीव कुमार बख्शी, संवाद, होशियारपुर
डाॅ. संजीव कुमार बख्शी, संवाद, होशियारपुर Published by: Nivedita Updated Tue, 15 Sep 2026 10:36 AM IST
सार

होशियारपुर विधानसभा सीट के पिछले पांच चुनावों में तीन दलों को मौका मिला है। भाजपा ने 2002 और 2007 में, जबकि कांग्रेस ने 2012 और 2017 में जीत दर्ज की थी। 2022 में आप ने पहली बार सीट पर जीत हासिल की थी।

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Hoshiarpur assembly seat AAP  brahm shanker jimpa punjab assembly election
होशियारपुर सीट का हाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले होशियारपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार चुनाव में जलभराव, बदहाल सड़कें, रोजगार की कमी और उद्योगों का पलायन जैसे मुद्दे हावी रहेंगे। आम आदमी पार्टी के ब्रह्म शंकर जिंपा ने 2022 में कांग्रेस के गढ़ में सेंध लगाई थी। अब उन्हें अपने पांच साल के कार्यकाल का हिसाब देना होगा।

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विपक्ष शहर और विधानसभा क्षेत्र में विकास की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाने की तैयारी में है। बरसात के दौरान शहर के कई इलाकों में पानी जमा होना एक पुरानी समस्या है। पानी की निकासी के स्थायी समाधान की मांग उठ रही है। 
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होशियारपुर-जालंधर, होशियारपुर-चिंतपूर्णी और होशियारपुर-ऊना सड़कों की खराब हालत भी लोगों की नाराजगी का कारण है। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की स्थिति सुधारने की मांग लगातार हो रही है। शहर में कोई बड़ा औद्योगिक या रोजगार पैदा करने वाला प्रोजेक्ट नहीं आया है। सुविधाओं की कमी से उद्योगों का पलायन भी एक मुद्दा है। बंद सीसीटीवी कैमरे और नशे की समस्या भी चुनावी मुद्दों में शामिल होगी।
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2022 चुनाव में जिम्पा की जीत और सियासी समीकरण
2022 में आप के ब्रह्म शंकर जिंपा ने 51,112 वोट हासिल किए थे। उन्होंने कांग्रेस के सुंदर शाम अरोड़ा को 13,859 वोट से हराया था। अरोड़ा को 37,253, भाजपा के तीक्ष्ण सूद को 23,973 और बसपा के वीरेंद्र सिंह परिहार को 12,087 वोट मिले थे। जिंपा लंबे समय तक कांग्रेस से जुड़े रहे और कई बार नगर पार्षद चुने गए। कांग्रेस से टिकट न मिलने पर उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। बाद में आप ने उन्हें 2022 में विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था।

पिछले पांच चुनाव का रिकॉर्ड और आगामी चुनौती
होशियारपुर विधानसभा सीट के पिछले पांच चुनावों में तीन दलों को मौका मिला है। भाजपा ने 2002 और 2007 में, जबकि कांग्रेस ने 2012 और 2017 में जीत दर्ज की थी। 2022 में आप ने पहली बार सीट पर जीत हासिल की थी। इस बार सबसे अहम सवाल यह है कि जिंपा को मिली 51 हजार से अधिक वोटों में आप की लहर का कितना हिस्सा था। उनके व्यक्तिगत जनाधार की भी परीक्षा होगी। जलभराव, सड़कों की बदहाली और रोजगार जैसे स्थानीय मुद्दे उनके लिए चुनौती बन सकते हैं।

मतदाताओं की नजर में स्थानीय समस्याएं
किसान सुखबीर सिंह के अनुसार गांवों की सड़कों की बदहाली एक बड़ा चुनावी मुद्दा है। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की हालत सुधारने की जरूरत है। शहर निवासी अधिवक्ता अक्षय पराशर ने कहा कि बरसात में जलभराव की समस्या गंभीर है। शिमला पहाड़ी में करोड़ों रुपये के प्रोजेक्ट के बावजूद जमीनी स्तर पर खास अंतर नहीं दिख रहा। उद्योगपति उमेश जैन के मुताबिक लघु, कुटीर और माइक्रो उद्योगों को अपेक्षित सरकारी सहयोग नहीं मिला। अधिकांश इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। स्थानीय उद्योगों को बचाने के लिए विशेष पैकेज की दरकार है।

विकास पर जिंपा और अरोड़ा आमने-सामने
विधानसभा क्षेत्र होशियारपुर में पिछले पांच वर्षों के विकास कार्यों को लेकर आप विधायक ब्रह्म शंकर जिंपा और पूर्व विधायक सुंदर श्याम अरोड़ा आमने-सामने हैं। जिंपा अपने कार्यकाल को रिकॉर्ड विकास वाला बता रहे हैं। वहीं, अरोड़ा ने आरोप लगाया है कि मौजूदा सरकार पिछली सरकार के मंजूर और कोष जारी हो चुके परियोजनाओं को ही अपनी उपलब्धि बता रही है। 

जिंपा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कई लंबित काम पूरे हुए हैं। उन्होंने वर्षों से लंबित पांच पुलों का निर्माण, नया तहसील परिसर और 46 गांवों की सड़कों का निर्माण प्रमुख उपलब्धियां बताईं। शहर में कूड़े के डंपों को हटाना भी उनके कार्यों में शामिल है। 


वहीं अरोड़ा का कहना है कि मौजूदा सरकार अपने स्तर पर नए विकास कार्य नहीं कर रही है। वे पिछली सरकार द्वारा स्वीकृत और जिनके लिए कोष जारी हो चुके थे, उन्हीं परियोजनाओं को अपनी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित कर रहे हैं। जिंपा ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने कार्यकाल में वर्षों तक विकास के नाम पर सोए रहे, उन्हें अब विकास कार्यों पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

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