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लुधियाना में फायरिंग: गांव हेरां में एनआरआई की बंद कोठी पर दागी गोलियां, सफेद कार में आए हमलावर
Wed, 30 Sep 2026 10:15 AM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा
Published by: Nivedita
Updated Wed, 30 Sep 2026 10:15 AM IST
सार
जिस कोठी को निशाना बनाया गया, उसमें जिंदर सिंह का परिवार नहीं रहता और परिवार के सभी सदस्य कनाडा में हैं। वारदात के समय कोठी पर ताला लगा हुआ था।
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सीसीटीवी में दिख रही आरोपियों की कार
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
गांव हेरां बुधवार तड़के गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा। सुबह करीब 4:19 बजे सफेद कार में सवार हमलावरों ने राजोआणा लिंक रोड के समीप स्थित कनाडा निवासी एनआरआई जिंदर सिंह की बंद कोठी के मुख्य गेट पर दो राउंड फायरिंग कर दी।
गोलियों की आवाज सुनते ही गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने और अपने जरूरी कामों के लिए घरों से निकले ग्रामीण सहम गए। कई लोग जहां जगह मिली, वहीं छिप गए, जबकि कुछ वापस अपने घरों में चले गए।
जिस कोठी को निशाना बनाया गया, उसमें जिंदर सिंह का परिवार नहीं रहता और परिवार के सभी सदस्य कनाडा में हैं। वारदात के समय कोठी पर ताला लगा हुआ था।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
पुलिस को मिली सीसीटीवी फुटेज में सफेद कार में आए हमलावर कोठी के गेट के सामने रुकते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में फायरिंग के दौरान दो गोलियों की आवाज सुनाई और चमक दिखाई दे रही है। हालांकि कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दो से अधिक गोलियां चलने जैसी आवाजें भी सुनी थीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है।
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पूर्व अकाली सरपंच के घर के सामने वारदात से बढ़े सवाल
फायरिंग की घटना ने इसलिए भी पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि एनआरआई जिंदर सिंह की कोठी गांव के पूर्व अकाली दल सरपंच साधु सिंह हेरां के घर के ठीक सामने स्थित है। ऐसे में जांच अधिकारी इस पहलू को भी खंगाल रहे हैं कि कहीं हमलावरों का निशाना कोई दूसरा व्यक्ति तो नहीं था या फिर पहचान को लेकर कोई भ्रम हुआ।
थाना सुधार के प्रभारी कुलविंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटनास्थल की जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच में यह पहलू भी शामिल है कि कहीं कनाडा में जिंदर सिंह या उनके परिवार को किसी गिरोह की ओर से फिरौती की मांग या धमकी तो नहीं दी गई थी। पुलिस इस संभावना को भी खंगाल रही है कि कथित तौर पर मांग पूरी न होने पर पंजाब स्थित संपत्ति को निशाना बनाया गया हो। पुलिस पुराने झगड़ों और विवादों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जानकारी जुटा रही है।
तकनीकी और फोरेंसिक टीमों ने संभाला मोर्चा
वारदात के बाद तकनीकी और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमलावर किस दिशा से गांव में दाखिल हुए, वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए और सफेद कार की पहचान क्या है।
जांच का दायरा घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों तक सीमित नहीं रखा गया है। पुलिस गांव के नजदीकी और दूरदराज के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की आवाजाही की पूरी कड़ी तैयार की जा सके।
गांववासियों का कहना है कि हेरां में किसी एनआरआई की बंद कोठी को इस तरह निशाना बनाए जाने की घटना ने उन्हें चिंतित कर दिया है।
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गोलियों की आवाज सुनते ही गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने और अपने जरूरी कामों के लिए घरों से निकले ग्रामीण सहम गए। कई लोग जहां जगह मिली, वहीं छिप गए, जबकि कुछ वापस अपने घरों में चले गए।
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जिस कोठी को निशाना बनाया गया, उसमें जिंदर सिंह का परिवार नहीं रहता और परिवार के सभी सदस्य कनाडा में हैं। वारदात के समय कोठी पर ताला लगा हुआ था।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
पुलिस को मिली सीसीटीवी फुटेज में सफेद कार में आए हमलावर कोठी के गेट के सामने रुकते दिखाई दे रहे हैं। फुटेज में फायरिंग के दौरान दो गोलियों की आवाज सुनाई और चमक दिखाई दे रही है। हालांकि कुछ ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने दो से अधिक गोलियां चलने जैसी आवाजें भी सुनी थीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर वास्तविक घटनाक्रम की पुष्टि करने में जुटी है।
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पूर्व अकाली सरपंच के घर के सामने वारदात से बढ़े सवाल
फायरिंग की घटना ने इसलिए भी पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि एनआरआई जिंदर सिंह की कोठी गांव के पूर्व अकाली दल सरपंच साधु सिंह हेरां के घर के ठीक सामने स्थित है। ऐसे में जांच अधिकारी इस पहलू को भी खंगाल रहे हैं कि कहीं हमलावरों का निशाना कोई दूसरा व्यक्ति तो नहीं था या फिर पहचान को लेकर कोई भ्रम हुआ।
थाना सुधार के प्रभारी कुलविंदर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों को भी घटनास्थल की जानकारी दी गई। पुलिस द्वारा मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच में यह पहलू भी शामिल है कि कहीं कनाडा में जिंदर सिंह या उनके परिवार को किसी गिरोह की ओर से फिरौती की मांग या धमकी तो नहीं दी गई थी। पुलिस इस संभावना को भी खंगाल रही है कि कथित तौर पर मांग पूरी न होने पर पंजाब स्थित संपत्ति को निशाना बनाया गया हो। पुलिस पुराने झगड़ों और विवादों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जानकारी जुटा रही है।
तकनीकी और फोरेंसिक टीमों ने संभाला मोर्चा
वारदात के बाद तकनीकी और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हमलावर किस दिशा से गांव में दाखिल हुए, वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए और सफेद कार की पहचान क्या है।
जांच का दायरा घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों तक सीमित नहीं रखा गया है। पुलिस गांव के नजदीकी और दूरदराज के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि हमलावरों की आवाजाही की पूरी कड़ी तैयार की जा सके।
गांववासियों का कहना है कि हेरां में किसी एनआरआई की बंद कोठी को इस तरह निशाना बनाए जाने की घटना ने उन्हें चिंतित कर दिया है।