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Ludhiana News: शैक्षणिक दस्तावेजों की डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए ई-सनद लागू करने वाला दूसरा राज्य बना पंजाब
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-बैंस बोले, लंबी कतारों में लगने से मिलेगा छुटकारा, विद्यार्थियों के लिए दस्तावेजों तक पहुंच आसान
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब ने शैक्षणिक दस्तावेजों की डिजिटल वेरिफिकेशन की दिशा में बड़ी पहल करते हुए ई-सनद सेवा शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि पंजाब यह सुविधा लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। इस कदम से विद्यार्थियों को अब दस्तावेजों के सत्यापन के लिए दफ्तरों के चक्कर और लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा, जबकि विदेश जाने वाले छात्रों के लिए प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा जारी शैक्षणिक दस्तावेजों के ऑनलाइन सत्यापन और प्रमाणीकरण के लिए ई-सनद डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है। इसके तहत बोर्ड के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थी अपनी विस्तृत अंकसूची (डीएमसी) और प्रमाणपत्रों का डिजिटल सत्यापन कुछ ही दिनों में करवा सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया 40 से 45 दिन तक लेती थी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पहल से हर वर्ष बोर्ड से पास होने वाले हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अब तेज और पारदर्शी हो सकेगी।
पूरी जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर
बैंस ने बताया कि बोर्ड से संबद्ध स्कूलों से प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख विद्यार्थी पास होते हैं, जबकि पूर्व वर्षों के लाखों पासआउट छात्र भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। ई-सनद के तहत बोर्ड अपने रिकॉर्ड के आधार पर दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन करता है जिसे आगे विदेश मंत्रालय (एमईए) के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है। इस मौके पर बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि आवेदकों की सुविधा के लिए ई-सनद पोर्टल का लिंक, ऑनलाइन भुगतान गेटवे और आवेदन से संबंधित पूरी जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.pseb.ac.in पर उपलब्ध है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब ने शैक्षणिक दस्तावेजों की डिजिटल वेरिफिकेशन की दिशा में बड़ी पहल करते हुए ई-सनद सेवा शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने बताया कि पंजाब यह सुविधा लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। इस कदम से विद्यार्थियों को अब दस्तावेजों के सत्यापन के लिए दफ्तरों के चक्कर और लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा, जबकि विदेश जाने वाले छात्रों के लिए प्रक्रिया और भी आसान हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (पीएसईबी) द्वारा जारी शैक्षणिक दस्तावेजों के ऑनलाइन सत्यापन और प्रमाणीकरण के लिए ई-सनद डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है। इसके तहत बोर्ड के वर्तमान और पूर्व विद्यार्थी अपनी विस्तृत अंकसूची (डीएमसी) और प्रमाणपत्रों का डिजिटल सत्यापन कुछ ही दिनों में करवा सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया 40 से 45 दिन तक लेती थी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस पहल से हर वर्ष बोर्ड से पास होने वाले हजारों विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया अब तेज और पारदर्शी हो सकेगी।
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बैंस ने बताया कि बोर्ड से संबद्ध स्कूलों से प्रतिवर्ष लगभग तीन लाख विद्यार्थी पास होते हैं, जबकि पूर्व वर्षों के लाखों पासआउट छात्र भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। ई-सनद के तहत बोर्ड अपने रिकॉर्ड के आधार पर दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन करता है जिसे आगे विदेश मंत्रालय (एमईए) के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है। इस मौके पर बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि आवेदकों की सुविधा के लिए ई-सनद पोर्टल का लिंक, ऑनलाइन भुगतान गेटवे और आवेदन से संबंधित पूरी जानकारी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.pseb.ac.in पर उपलब्ध है।
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