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Mohali News: पहली बारिश में ही फेल हुई 81 लाख की सड़क परियोजना
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मोहाली। गमाडा की ओर से सेक्टर 104 और 105 के बीच बनी नई सड़क और जल निकासी प्रणाली आम नागरिकों के लिए समस्या का सबब बन गई है। महज दो महीने पहले 81 लाख रुपये की लागत से पूरी हुई यह परियोजना पहली बारिश में ही फेल साबित हुई है, जिससे स्थानीय निवासियों का आक्रोश फूट पड़ा है।
जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 में इस सड़क पर एक नई जल निकासी प्रणाली स्थापित की गई और तुरंत बाद पेवर ब्लॉक व लॉकिंग टाइल्स बिछाने का विशेष सड़क निर्माण कार्य पूरा किया गया। दोनों कार्यों की कुल अनुमानित लागत करीब 81 लाख रुपये बताई जा रही है।
हालांकि, 23 जनवरी को हुई सामान्य बारिश ही इस निर्माण कार्य की पोल खोलने के लिए काफी साबित हुई। बारिश का पानी सड़क पर ही भर गया और भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी, 24 जनवरी को स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और पानी सड़क पर जमा रहा।
जलभराव की समस्या हल करने की मांग
स्थिति से त्रस्त निवासियों ने सोशल मीडिया पर पंजाब सरकार, गमाडा और डीसी को टैग करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मुख्य मांगें हैं कि गमाडा तुरंत टीम भेजकर जलभराव की समस्या का तात्कालिक समाधान करे और ड्रेनेज सिस्टम को कार्यात्मक बनाए। केवल पानी निकालना काफी नहीं है। पूरे निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 81 लाख रुपये की इस परियोजना की लागत और गुणवत्ता की पारदर्शी जांच हो, और रिपोर्ट जनता के सामने लाई जाए। भविष्य के लिए एक स्थायी और प्रभावी जल निकासी योजना तैयार की जाए, ताकि यह समस्या दोबारा न उभरे।
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जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 में इस सड़क पर एक नई जल निकासी प्रणाली स्थापित की गई और तुरंत बाद पेवर ब्लॉक व लॉकिंग टाइल्स बिछाने का विशेष सड़क निर्माण कार्य पूरा किया गया। दोनों कार्यों की कुल अनुमानित लागत करीब 81 लाख रुपये बताई जा रही है।
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हालांकि, 23 जनवरी को हुई सामान्य बारिश ही इस निर्माण कार्य की पोल खोलने के लिए काफी साबित हुई। बारिश का पानी सड़क पर ही भर गया और भारी जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी, 24 जनवरी को स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और पानी सड़क पर जमा रहा।
जलभराव की समस्या हल करने की मांग
स्थिति से त्रस्त निवासियों ने सोशल मीडिया पर पंजाब सरकार, गमाडा और डीसी को टैग करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी मुख्य मांगें हैं कि गमाडा तुरंत टीम भेजकर जलभराव की समस्या का तात्कालिक समाधान करे और ड्रेनेज सिस्टम को कार्यात्मक बनाए। केवल पानी निकालना काफी नहीं है। पूरे निर्माण कार्य का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 81 लाख रुपये की इस परियोजना की लागत और गुणवत्ता की पारदर्शी जांच हो, और रिपोर्ट जनता के सामने लाई जाए। भविष्य के लिए एक स्थायी और प्रभावी जल निकासी योजना तैयार की जाए, ताकि यह समस्या दोबारा न उभरे।