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Mohali News: एरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट पर संकट के बादल, 21 जनवरी को जनसुनवाई के बहिष्कार का ऐलान
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मोहाली। गमाडा की ओर से मोहाली शहर के विस्तार के लिए प्रस्तावित महत्वाकांक्षी एरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट शुरू होने से पहले ही संकट के बादल मंडराने लगे हैं। एरोट्रोपोलिस क्षेत्र के विस्तार के लिए प्रस्तावित ई, एफ, जी, एच, आई और जे पॉकेटों के तहत आठ गांवों बड़ी, कुरड़ी, पत्तों, किशनपुरा, छत्त, मटरां, सियाऊ और बाकरपुर की करीब 3553 एकड़ जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
गांव बड़ी में विभिन्न गांवों के किसानों की एकजुटता में हाथ खड़े कर गमाडा को जमीन न देने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। किसानों ने प्रभावित गांवों में संघर्ष समितियां गठित करने और आगे आंदोलन तेज करने का निर्णय भी किया। साथ ही, जमीन अधिग्रहण को लेकर जारी नोटिफिकेशन के बाद 21 जनवरी से प्रस्तावित जनसुनवाई का भी विरोध करने का ऐलान किया गया।
मामले की अगुवाई कर रहे गुरप्रताप सिंह बड़ी ने बताया कि बैठक में किसान संगठनों के नेता किरपाल सिंह सियाऊ, जगजीत सिंह कराला, माखन सिंह गीगमाजरा और सरपंच लखविंदर सिंह कराला ने हिस्सा लिया और किसानों को पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर कई गांवों के सरपंच, पूर्व सरपंच और किसान नेता मौजूद रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि गमाडा की नीतियां किसान और गांव विरोधी हैं।
किसानों का आरोप है कि गमाडा केवल मुनाफा कमाने की नीति पर काम कर रहा है और ग्रामीणों तथा किसानों के हितों की अनदेखी कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि भूमि पूलिंग नीति के तहत सड़क किनारे की अधिक महत्व वाली और महंगी व्यावसायिक जमीन गमाडा अपने पास रख लेता है, जबकि किसानों को पीछे की कम महत्व वाली जमीन दी जाती है जो किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि गमाडा ने जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश की तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे और किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।
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गांव बड़ी में विभिन्न गांवों के किसानों की एकजुटता में हाथ खड़े कर गमाडा को जमीन न देने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया। किसानों ने प्रभावित गांवों में संघर्ष समितियां गठित करने और आगे आंदोलन तेज करने का निर्णय भी किया। साथ ही, जमीन अधिग्रहण को लेकर जारी नोटिफिकेशन के बाद 21 जनवरी से प्रस्तावित जनसुनवाई का भी विरोध करने का ऐलान किया गया।
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मामले की अगुवाई कर रहे गुरप्रताप सिंह बड़ी ने बताया कि बैठक में किसान संगठनों के नेता किरपाल सिंह सियाऊ, जगजीत सिंह कराला, माखन सिंह गीगमाजरा और सरपंच लखविंदर सिंह कराला ने हिस्सा लिया और किसानों को पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर कई गांवों के सरपंच, पूर्व सरपंच और किसान नेता मौजूद रहे। किसानों ने आरोप लगाया कि गमाडा की नीतियां किसान और गांव विरोधी हैं।
किसानों का आरोप है कि गमाडा केवल मुनाफा कमाने की नीति पर काम कर रहा है और ग्रामीणों तथा किसानों के हितों की अनदेखी कर रहा है। वक्ताओं ने कहा कि भूमि पूलिंग नीति के तहत सड़क किनारे की अधिक महत्व वाली और महंगी व्यावसायिक जमीन गमाडा अपने पास रख लेता है, जबकि किसानों को पीछे की कम महत्व वाली जमीन दी जाती है जो किसी भी तरह से न्यायसंगत नहीं है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि गमाडा ने जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश की तो किसान आंदोलन को और तेज करेंगे और किसी भी संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।