{"_id":"696008f3365c261ab10dade2","slug":"ahead-of-the-town-vending-committee-meeting-vendors-demanded-permanent-stalls-and-a-fair-policy-mohali-news-c-71-1-spkl1025-137753-2026-01-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक से पहले विक्रेताओं ने स्थायी स्टॉल और निष्पक्ष नीति की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक से पहले विक्रेताओं ने स्थायी स्टॉल और निष्पक्ष नीति की मांग
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। शहर में टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक से पहले सड़क विक्रेता और रेहड़ी-फड़ी संघों ने अपने लंबे समय से लंबित मुद्दों के समाधान की मांग की है। विक्रेताओं का कहना है कि 993 सर्वे किए गए विक्रेताओं के मामलों को हल किए बिना किसी भी नए निर्णय को लागू नहीं किया जाना चाहिए। रेहड़ी-फड़ी एसोसिएशन और टाउन वेंडिंग कमेटी के अध्यक्ष विजय कुमार बिट्टू ने बताया कि 9 जनवरी को निगम भवन में होने वाली बैठक का एजेंडा बिना कमेटी सदस्यों से परामर्श किए तैयार किया गया। टाउन वेंडिंग कमेटी को विश्वास में लिए बिना यह एजेंडा तैयार किया गया। 993 विक्रेताओं के मामलों का समाधान किए बिना कोई भी निर्णय लागू नहीं होने देंगे।
विक्रेताओं ने यह भी मांग की है कि पहले सर्वे किए विक्रेताओं को स्थायी स्टॉल दिए जाएं, न कि मोबाइल लाइसेंस। केवल फेज-6 में एक स्टॉल आवंटित करना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि सभी विक्रेता वहां समायोजित नहीं हो सकते। टाउन वेंडिंग कमेटी सदस्य और रेहड़ी-फड़ी यूनियन के अध्यक्ष जसविंदर शर्मा ने बताया कि 2016 में 993 विक्रेताओं का सर्वे हुआ था। 2023 में इन्हें प्रति माह एक हजार रुपये शुल्क जमा करने के लिए कहा गया। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, 445 विक्रेताओं ने शुल्क जमा किया और करीब एक करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इन विक्रेताओं को उचित स्थायी लाइसेंस और निश्चित स्थान दिए जाने चाहिए।
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि निगम की प्रवर्तन कार्रवाई में असमानता है। छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई होती है, जबकि दुकानदार खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण कर रहे हैं। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि पुनर्वास के बिना विस्थापन सामाजिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी नीति लागू करने की मांग की। बैठक में इन मुद्दों को उठाकर मेयर और कमिश्नर को ज्ञापन दिया जाएगा। विक्रेताओं का कहना है कि उनकी आजीविका छिनने पर समाज में नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।
Trending Videos
विक्रेताओं ने यह भी मांग की है कि पहले सर्वे किए विक्रेताओं को स्थायी स्टॉल दिए जाएं, न कि मोबाइल लाइसेंस। केवल फेज-6 में एक स्टॉल आवंटित करना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि सभी विक्रेता वहां समायोजित नहीं हो सकते। टाउन वेंडिंग कमेटी सदस्य और रेहड़ी-फड़ी यूनियन के अध्यक्ष जसविंदर शर्मा ने बताया कि 2016 में 993 विक्रेताओं का सर्वे हुआ था। 2023 में इन्हें प्रति माह एक हजार रुपये शुल्क जमा करने के लिए कहा गया। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, 445 विक्रेताओं ने शुल्क जमा किया और करीब एक करोड़ रुपये प्राप्त हुए। इन विक्रेताओं को उचित स्थायी लाइसेंस और निश्चित स्थान दिए जाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि निगम की प्रवर्तन कार्रवाई में असमानता है। छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई होती है, जबकि दुकानदार खुलेआम सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण कर रहे हैं। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि पुनर्वास के बिना विस्थापन सामाजिक समस्याओं को जन्म दे सकता है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी नीति लागू करने की मांग की। बैठक में इन मुद्दों को उठाकर मेयर और कमिश्नर को ज्ञापन दिया जाएगा। विक्रेताओं का कहना है कि उनकी आजीविका छिनने पर समाज में नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।