{"_id":"69695284e0fc3ff16906cb2a","slug":"changes-in-sector-62-large-commercial-plots-will-be-allowed-for-mixed-land-use-mohali-news-c-71-1-spkl1025-138029-2026-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: सेक्टर-62 में बदलाव, बड़े व्यावसायिक भूखंड का हो सकेगा मिक्स्ड लैंड यूज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: सेक्टर-62 में बदलाव, बड़े व्यावसायिक भूखंड का हो सकेगा मिक्स्ड लैंड यूज
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहाली। गमाडा ने सेक्टर-62 (पुडा भवन क्षेत्र) के बड़े व्यावसायिक भूखंड की साइट्स को बेचने के लिए नई रूपरेखा तैयार की है। पिछले अनुभव में यह देखा गया था कि केवल व्यावसायिक उद्देश्य के लिए विकसित बड़ी साइट्स समय के साथ बाजार में सफल नहीं हो सकी। इसकी मुख्य वजह उच्च आरक्षित कीमतें और आसपास के विकसित क्षेत्रों जैसे एरोसिटी और आईटी सिटी में बेहतर निवेश विकल्प थे। गमाडा अब पांच प्लाटों की एक 27.77 एकड़, दो प्लाटों की 12.92 एकड़, अन्य 5.51 और 6.30 एकड़ की साइट्स को मिक्स्ड लैंड यूज के रूप में बेचने जा रही है।
इसके व्यावसायिक उपयोग के साथ-साथ आवासीय, सिविक, सांस्कृतिक, कार्यालय और अन्य गतिविधियों की अनुमति होगी। पिछले अनुभव से यह स्पष्ट हुआ कि केवल कॉमर्शियल साइट्स में सीमित उपयोग के कारण लागत अधिक और बाजार में प्रतिस्पर्धा कम रहती थी। एमएलयू के माध्यम से साइट्स का उपयोग अधिक गतिशील और प्रभावी होगा। सेक्टर 62 में पहले से ही कई मॉल और व्यावसायिक केंद्र मौजूद हैं, जिससे व्यावसायिक क्षमता लगभग संतृप्त हो चुकी है।
गमाडा के एक अधिकारी ने बताया कि एमएलयू और व्यावसायिक साइट्स की लागत समान है, लेकिन एमएलयू से गमाडा के वित्तीय हित सुरक्षित रहेंगे और प्राइम भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके अलावा बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निवेशकों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इस नए बदलाव के साथ, सेक्टर 62 की भूमि न केवल अधिक आकर्षक बनेगी, बल्कि यह न्यू चंडीगढ़ और मोहाली के शहरी विकास को भी नई दिशा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि गमाडा की यह रणनीति क्षेत्र के निवेश और निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के साथ-साथ आवासीय और व्यावसायिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगी।
Trending Videos
इसके व्यावसायिक उपयोग के साथ-साथ आवासीय, सिविक, सांस्कृतिक, कार्यालय और अन्य गतिविधियों की अनुमति होगी। पिछले अनुभव से यह स्पष्ट हुआ कि केवल कॉमर्शियल साइट्स में सीमित उपयोग के कारण लागत अधिक और बाजार में प्रतिस्पर्धा कम रहती थी। एमएलयू के माध्यम से साइट्स का उपयोग अधिक गतिशील और प्रभावी होगा। सेक्टर 62 में पहले से ही कई मॉल और व्यावसायिक केंद्र मौजूद हैं, जिससे व्यावसायिक क्षमता लगभग संतृप्त हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गमाडा के एक अधिकारी ने बताया कि एमएलयू और व्यावसायिक साइट्स की लागत समान है, लेकिन एमएलयू से गमाडा के वित्तीय हित सुरक्षित रहेंगे और प्राइम भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होगा। इसके अलावा बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निवेशकों को अधिक विकल्प मिलेंगे। इस नए बदलाव के साथ, सेक्टर 62 की भूमि न केवल अधिक आकर्षक बनेगी, बल्कि यह न्यू चंडीगढ़ और मोहाली के शहरी विकास को भी नई दिशा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि गमाडा की यह रणनीति क्षेत्र के निवेश और निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने के साथ-साथ आवासीय और व्यावसायिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करेगी।