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Mohali News: सीनियर सिटीजन की कोठी पर कब्जे का आरोप, चार के खिलाफ मामला दर्ज
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मोहाली। फेज-2 स्थित एचआईजी हाउस-806 का ताला तोड़कर अवैध कब्जा करने के मामले में पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला झारखंड के जमशेदपुर निवासी 68 वर्षीय सिमरतदीप कौर की शिकायत पर दर्ज किया गया है, जो उक्त मकान की मूल और वैध मालिक बताई गई है। आरोपियों की पहचान रामप्रीत निवासी फेज-7, सावित्री देवी, सुनील कुमार, भवेश कुमार के रूप में हुई है। आरोपियों को नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने वर्ष 1987 में यह मकान खरीदा था। सभी मूल दस्तावेज उनके नाम हैं। वह लंबे समय से जमशेदपुर में रह रही है।
वर्ष 1988 में उन्होंने अपने दिवंगत पिता स्व. सोहन सिंह को मकान की देखरेख के लिए सामान्य पाॅवर ऑफ अटॉर्नी दी थी। आरोप है कि उनके पिता ने मानवीय आधार पर रामप्रीत गुप्ता और उसके परिवार को अस्थायी रूप से मकान का दूसरा फ्लोर रहने के लिए दिया था, जो पूरी तरह से अनुमति आधारित था, न कि किरायेदारी। शिकायत में कहा गया है कि 2024 में पिता की मृत्यु के बाद आरोपियों की नीयत बदल गई और उन्होंने मकान खाली करने से इनकार कर दिया। नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में उन्हें मकान से बाहर कर ताले लगाए गए थे। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से धमकियां दीं, झूठी खबरें छपवाईं और व्हाट्स एप पर अभद्र संदेश भेजे। पुलिस जांच में सामने आया कि 9 जनवरी 2026 की शाम आरोपियों ने ताले तोड़कर दोबारा मकान में प्रवेश कर कब्जा कर लिया और बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मकान के अंदर दो महिलाओं, एक पुरुष और एक बच्चे को पाया, जिन्होंने गेट नहीं खोला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर रामप्रीत गुप्ता, उनकी पत्नी सावित्री देवी और बेटे सुनील कुमार उर्फ सन्नी व भवेश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
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वर्ष 1988 में उन्होंने अपने दिवंगत पिता स्व. सोहन सिंह को मकान की देखरेख के लिए सामान्य पाॅवर ऑफ अटॉर्नी दी थी। आरोप है कि उनके पिता ने मानवीय आधार पर रामप्रीत गुप्ता और उसके परिवार को अस्थायी रूप से मकान का दूसरा फ्लोर रहने के लिए दिया था, जो पूरी तरह से अनुमति आधारित था, न कि किरायेदारी। शिकायत में कहा गया है कि 2024 में पिता की मृत्यु के बाद आरोपियों की नीयत बदल गई और उन्होंने मकान खाली करने से इनकार कर दिया। नवंबर 2025 के पहले सप्ताह में उन्हें मकान से बाहर कर ताले लगाए गए थे। इसके बाद आरोपियों ने कथित रूप से धमकियां दीं, झूठी खबरें छपवाईं और व्हाट्स एप पर अभद्र संदेश भेजे। पुलिस जांच में सामने आया कि 9 जनवरी 2026 की शाम आरोपियों ने ताले तोड़कर दोबारा मकान में प्रवेश कर कब्जा कर लिया और बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगा दिए।
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मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने मकान के अंदर दो महिलाओं, एक पुरुष और एक बच्चे को पाया, जिन्होंने गेट नहीं खोला। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर रामप्रीत गुप्ता, उनकी पत्नी सावित्री देवी और बेटे सुनील कुमार उर्फ सन्नी व भवेश कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।