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Mohali News: करोड़ों का बस स्टैंड बेकार, यात्री सड़कों पर करते हैं इंतजार

Sun, 25 Oct 2026 02:18 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Oct 2026 02:18 AM IST
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Multi-crore bus stand lies unused; passengers left waiting on the streets
संवाद न्यूज एजेंसी
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जीरकपुर। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर तेज रफ्तार यातायात के बीच यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बस पकड़ने से बचाने के उद्देश्य से जीरकपुर शहर के बीचोंबीच करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टैंड बनाया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि दस साल से अधिक समय पहले बनकर तैयार हुए इस बस स्टैंड के भीतर बैठकर बस का इंतजार करने के बजाय यात्रियों को आज भी खुले आसमान के नीचे सिंघपुरा चौक के पास सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। जिस बस स्टैंड को यात्रियों की सुविधा और सड़क पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बनाया गया था, उसका अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
11 साल पहले बना बस स्टैंड
वर्ष 2014 में शहर के कालका चौक के पास करीब चार करोड़ रुपये की लागत से बस स्टैंड का निर्माण करवाया गया था। इसे गोलाकार डिजाइन में तैयार किया गया, ताकि बसें एक तरफ से प्रवेश कर यात्रियों को बैठाने और उतारने के बाद दूसरे छोर से बाहर निकल सकें। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बसों की आवाजाही को व्यवस्थित करना और मुख्य सड़क पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना था। बस स्टैंड बनाए जाने से उम्मीद थी कि लंबी दूरी की बसें निर्धारित स्थान पर रुकेंगी और यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे सड़क पर बसों के रुकने से यातायात बाधित होने की समस्या भी कम होनी थी। हालांकि, मौजूदा स्थिति में यात्रियों को अब भी सड़क किनारे खड़े होकर बसें पकड़नी पड़ रही हैं। ऐसे में बस स्टैंड के निर्माण के उद्देश्य और उसके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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फ्लाईओवर से गुजरने लगीं लंबी दूरी की बसें
चंडीगढ़ से पंजाब और हरियाणा के विभिन्न शहरों के लिए चलने वाली लंबी दूरी की बसों को जीरकपुर से बड़ी संख्या में सवारियां मिलती हैं। इस कारण जीरकपुर बसों के लिए एक प्रमुख पड़ाव बन गया था। पहले बसें फ्लाईओवर पर चढ़ने के बजाय शहर के अंदर से गुजरती थीं और यहां रुककर सवारियां बैठाती थीं। इससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही थी। लगातार बढ़ती परेशानी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। इसके बाद अदालत ने जीरकपुर में जाम की समस्या को देखते हुए लंबी दूरी की बसों को फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरने के निर्देश दिए। इसके बाद फ्लाईओवर के नीचे बस स्टैंड पर लंबी दूरी की बसों का आना बंद हो गया। बस स्टैंड से बस पकड़ने वाले यात्रियों ने इसके बाद फ्लाईओवर खत्म होने के पास सिंघपुरा चौक पर इंतजार करना शुरू कर दिया। आज भी यात्री बस स्टैंड के बजाय सिंघपुरा चौक पर सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। इससे यात्रियों को सुरक्षित और निर्धारित स्थान पर बस पकड़ने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बस स्टैंड का सही इस्तेमाल होना चाहिए।
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जब कभी मेहमान जीरकपुर आते हैं तो उन्हें रिसीव करने के लिए बस स्टैंड के बजाय सिंघपुरा चौक तक जाना पड़ता है। अगर बस स्टैंड बनाया गया है तो उसका सही इस्तेमाल भी होना चाहिए। इस तरह लोगों के कर के पैसों की बर्बादी हो रही है। -जतिंदर कुमार, निवासी जीरकपुर
बस स्टैंड बनाने की योजना में ही बड़ी कमी रही है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद अगर यात्रियों को सड़क किनारे खड़े होकर बसें पकड़नी पड़ रही हैं, तो इसका उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा। प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए। - परमजीत धीमान, निवासी जीरकपुर

कोट
बस स्टैंड में प्रवेश और निकास को लेकर उचित प्लानिंग नहीं की गई थी। इसमें बदलाव करने पर विचार के लिए पीआरटीसी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। जीरकपुर बस स्टैंड पंजाब के मालवा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पाॅइंट है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। -गुरप्रीत सिंह विर्क, डायरेक्टर, पीआरटीसी, पटियाला।
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