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राणा बलाचौरिया हत्याकांड : आरोपियों की दो साजिश हो चुकी थी नाकाम, कोर्ट ने आरोपियों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा
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मोहाली। कोलकाता से गिरफ्तार कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बलाचौरिया के तीन हत्यारोपियों को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। जिला कोर्ट ने आरोपियों को दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में पुलिस अब तक कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक आरोपी पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है। सेक्टर-79 सोहाना में 15 दिसंबर 2025 को कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान हत्या के बाद आरोपी कोलकाता भाग गए थे। इससे पहले राणा बलाचौरिया की हत्या करने की दो साजिश नाकाम हो चुकी थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहाली हरमनदीप सिंह हंस ने बुधवार को प्रेसवार्ता में खुलासा किया कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों बलविंदर सिंह उर्फ डॉनी बल और अमरजीत सिंह उर्फ खब्बा के इशारों पर काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन पाठक उर्फ करन डिफॉल्टर (23) निवासी निमाल मंडी अमृतसर (मूल निवासी उत्तर प्रदेश) शामिल है। उसने आदित्य उर्फ मक्खन के साथ मिलकर राणा बलाचौरिया पर फायरिंग की थी। दूसरा आरोपी तरनदीप सिंह (25) निवासी गांव बाड़ेवाल लुधियाना वारदात के समय मोटरसाइकिल के साथ मौके पर मौजूद था। उसने वारदात के बाद शूटरों को फरार कराने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
तीसरा आरोपी सुखशेरपाल सिंह उर्फ आकाश उप्पल (22) निवासी गांव उप्पल तरनतारन साजिश और रेकी में अहम भूमिका निभाने वाला बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह गैंगस्टर अमरजीत सिंह उर्फ खब्बा का रिश्तेदार है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों में दो शूटर भी शामिल हैं। एसएसपी हंस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जिला पुलिस की संयुक्त विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों को ट्रैक कर कोलकाता से दबोचा।
अक्टूबर 2025 में रची थी हत्या की साजिश
जांच में खुलासा हुआ है कि राणा बलाचौरिया की हत्या की साजिश अक्टूबर 2025 में रची गई थी। इसके बाद आरोपी चंडीगढ़, कालका, जीरकपुर और खरड़ के विभिन्न होटलों में ठहरते रहे और मौके की रेकी करते रहे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी विदेश से संचालित गैंग के लिए शूटर के तौर पर काम करते थे। हत्या व फिरौती की वारदातों को अंजाम देते थे। इससे पहले पुलिस ने अशदीप सिंह निवासी गांव नौशाहिरा पन्नुआं जिला तरनतारन, जुगराज सिंह उर्फ जग्गा निवासी छापियांवाली जिला अमृतसर, मनदीप सिंह उर्फ मोटा निवासी मीराकोट चौक खैराबाद रोड जिला अमृतसर, देविंदर सिंह उर्फ टिंका निवासी महादेव कॉलोनी जिला पंचकूला हरियाणा, गगनदीप सिंह उर्फ करन सोहल निवासी वडाला कॉलोनी जालंधर को गिरफ्तार किया था। हरपिंदर सिंह उर्फ मिड्डी निवासी जिला तरनतारन लालड़ू क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। एसएसपी ने बताया कि राणा बलाचौरिया की हत्या करने वाला शूटर आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और उसके कुछ सहयोगी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
दविंदर सिंह टिका ने लॉजिस्टिक मदद दी थी
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि राणा बलाचौरिया पर पहले भी दो बार हमला करने की कोशिश की गई थी, लेकिन आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दविंदर सिंह टिंका (कैब चालक जिसने आरोपियों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की थी। वह नवंबर के अंत में अन्य आरोपियों के संपर्क में आया था। इसे घटना से संबंधित पूरी जानकारी थी। वह स्थानीय स्तर पर आरोपियों को हर प्रकार की सहायता करता था और विदेश से भेजी गई राशि भी इसके खाते में आती थी। वारदात के बाद टिंका ही अपनी कैब में अन्य आरोपियों को गांव रायपुर कलां से सोनीपत हरियाणा लेकर गया था।
आरोपियों पर पहले भी दर्ज हैं मामले
करन पाठक उर्फ डिफॉल्टर 8वीं पास है और अविवाहित है। उसके खिलाफ पहले भी थाना डिवीजन-बी अमृतसर में लड़ाई-झगड़े के दो मामले दर्ज हैं। इसने आदित्या उर्फ मक्खन के साथ मिलकर राणा बलाचौरिया पर फायरिंग की थी। वहीं, आरोपी तरनदीप सिंह एमए पास है। उसके खिलाफ थाना एयरो सिटी मोहाली में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। आरोपी सुखशेरपाल 12वीं पास है। उसके खिलाफ पहले भी मामला दर्ज है। जिला गुरदासपुर में जबरन वसूली के मामलों में वह वांछित है। यह गैंगस्टर अमरजीत सिंह उर्फ खब्बा का मामा है।
शूटरों ने अपनाए रास्ते
मुख्य आरोपी करन पाठक उर्फ करन डिफॉल्टर और आदित्य कपूर उर्फ मक्खन सबसे पहले पानीपत पहुंचे। वहां से उन्होंने दूसरी टैक्सी ली ओर दिल्ली के लिए आगे बढ़े। दिल्ली से उन्होंने मुंबई के लिए ट्रेन ली। मुंबई में कुछ दिन रुकने के बाद आरोपी बेंगलुरु चले गए, जहां वे कोलकाता जाने से पहले कुछ दिनों तक रूके। कोलकाता से वह सिलीगुड़ी गए और वहां कुछ दिन तक रहने के बाद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश में कोलकाता लौट आए। वहां एजीटीएफ की टीम ने उन्हें काबू कर लिया।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहाली हरमनदीप सिंह हंस ने बुधवार को प्रेसवार्ता में खुलासा किया कि गिरफ्तार आरोपी विदेश में बैठे कुख्यात गैंगस्टरों बलविंदर सिंह उर्फ डॉनी बल और अमरजीत सिंह उर्फ खब्बा के इशारों पर काम कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करन पाठक उर्फ करन डिफॉल्टर (23) निवासी निमाल मंडी अमृतसर (मूल निवासी उत्तर प्रदेश) शामिल है। उसने आदित्य उर्फ मक्खन के साथ मिलकर राणा बलाचौरिया पर फायरिंग की थी। दूसरा आरोपी तरनदीप सिंह (25) निवासी गांव बाड़ेवाल लुधियाना वारदात के समय मोटरसाइकिल के साथ मौके पर मौजूद था। उसने वारदात के बाद शूटरों को फरार कराने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
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तीसरा आरोपी सुखशेरपाल सिंह उर्फ आकाश उप्पल (22) निवासी गांव उप्पल तरनतारन साजिश और रेकी में अहम भूमिका निभाने वाला बताया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह गैंगस्टर अमरजीत सिंह उर्फ खब्बा का रिश्तेदार है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों में दो शूटर भी शामिल हैं। एसएसपी हंस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और जिला पुलिस की संयुक्त विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपियों को ट्रैक कर कोलकाता से दबोचा।
अक्टूबर 2025 में रची थी हत्या की साजिश
जांच में खुलासा हुआ है कि राणा बलाचौरिया की हत्या की साजिश अक्टूबर 2025 में रची गई थी। इसके बाद आरोपी चंडीगढ़, कालका, जीरकपुर और खरड़ के विभिन्न होटलों में ठहरते रहे और मौके की रेकी करते रहे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी विदेश से संचालित गैंग के लिए शूटर के तौर पर काम करते थे। हत्या व फिरौती की वारदातों को अंजाम देते थे। इससे पहले पुलिस ने अशदीप सिंह निवासी गांव नौशाहिरा पन्नुआं जिला तरनतारन, जुगराज सिंह उर्फ जग्गा निवासी छापियांवाली जिला अमृतसर, मनदीप सिंह उर्फ मोटा निवासी मीराकोट चौक खैराबाद रोड जिला अमृतसर, देविंदर सिंह उर्फ टिंका निवासी महादेव कॉलोनी जिला पंचकूला हरियाणा, गगनदीप सिंह उर्फ करन सोहल निवासी वडाला कॉलोनी जालंधर को गिरफ्तार किया था। हरपिंदर सिंह उर्फ मिड्डी निवासी जिला तरनतारन लालड़ू क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। एसएसपी ने बताया कि राणा बलाचौरिया की हत्या करने वाला शूटर आदित्य कपूर उर्फ मक्खन और उसके कुछ सहयोगी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
दविंदर सिंह टिका ने लॉजिस्टिक मदद दी थी
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि राणा बलाचौरिया पर पहले भी दो बार हमला करने की कोशिश की गई थी, लेकिन आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दविंदर सिंह टिंका (कैब चालक जिसने आरोपियों को लॉजिस्टिक सहायता प्रदान की थी। वह नवंबर के अंत में अन्य आरोपियों के संपर्क में आया था। इसे घटना से संबंधित पूरी जानकारी थी। वह स्थानीय स्तर पर आरोपियों को हर प्रकार की सहायता करता था और विदेश से भेजी गई राशि भी इसके खाते में आती थी। वारदात के बाद टिंका ही अपनी कैब में अन्य आरोपियों को गांव रायपुर कलां से सोनीपत हरियाणा लेकर गया था।
आरोपियों पर पहले भी दर्ज हैं मामले
करन पाठक उर्फ डिफॉल्टर 8वीं पास है और अविवाहित है। उसके खिलाफ पहले भी थाना डिवीजन-बी अमृतसर में लड़ाई-झगड़े के दो मामले दर्ज हैं। इसने आदित्या उर्फ मक्खन के साथ मिलकर राणा बलाचौरिया पर फायरिंग की थी। वहीं, आरोपी तरनदीप सिंह एमए पास है। उसके खिलाफ थाना एयरो सिटी मोहाली में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। आरोपी सुखशेरपाल 12वीं पास है। उसके खिलाफ पहले भी मामला दर्ज है। जिला गुरदासपुर में जबरन वसूली के मामलों में वह वांछित है। यह गैंगस्टर अमरजीत सिंह उर्फ खब्बा का मामा है।
शूटरों ने अपनाए रास्ते
मुख्य आरोपी करन पाठक उर्फ करन डिफॉल्टर और आदित्य कपूर उर्फ मक्खन सबसे पहले पानीपत पहुंचे। वहां से उन्होंने दूसरी टैक्सी ली ओर दिल्ली के लिए आगे बढ़े। दिल्ली से उन्होंने मुंबई के लिए ट्रेन ली। मुंबई में कुछ दिन रुकने के बाद आरोपी बेंगलुरु चले गए, जहां वे कोलकाता जाने से पहले कुछ दिनों तक रूके। कोलकाता से वह सिलीगुड़ी गए और वहां कुछ दिन तक रहने के बाद पुलिस को गुमराह करने की कोशिश में कोलकाता लौट आए। वहां एजीटीएफ की टीम ने उन्हें काबू कर लिया।