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Mohali News: सड़क किनारे कचरा ही कचरा, प्लास्टिक कचरे से बढ़ रहीं बीमारियां
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जीरकपुर। तेजी से फैल रहे जीरकपुर शहर में स्वच्छता व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर के कई हिस्सों में सड़कों के किनारे पड़े कूड़े के ढेर न केवल शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं, बल्कि आम लोगों के लिए गंभीर परेशानी और बीमारियों का कारण भी बनते जा रहे हैं। समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाने के बावजूद हालात में कोई ठोस सुधार नजर नहीं आ रहा है। ढकोली क्षेत्र में गुरुद्वारा बाऊली साहब के सामने वेरका बूथ के पास से गुजरते गंदे नाले के किनारे अक्सर कचरा फैला रहता है। यह कचरा कई बार आधी सड़क तक फैल जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसी तरह के-एरिया से पटियाला चौक की ओर जाने वाली सड़क पर सुखना-चो के किनारे भी हर समय कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। इन स्थानों से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का वहां से गुजरना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कचरे में करीब 90 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक कचरे का होता है, जो सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, पैकेट और अन्य कचरा लंबे समय तक सड़कों पर पड़ा रहता है, इससे मच्छर, मक्खियां और आवारा पशु पनपते हैं। इससे डेंगू, मलेरिया, त्वचा रोग और सांस से संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
राहगीरों जसपाल सिंह, राकेश कुमार, मनोज, सुखविंदर और संदीप सिंह का कहना है कि प्लास्टिक कचरे के कारण नालियां भी जाम हो जाती हैं, इससे बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए विशेष योजना बनाएं। सड़कों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नागरिकों से भी अपील की गई कि वे अपने घरों का कूड़ा खुले में न फेंककर डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले सफाईकर्मियों को ही दें।
दोनों प्रमुख स्थानों से सोमवार को पूरा कूड़ा उठवा दिया जाएगा। वहां कूड़ा न गिराने के संबंध में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और नियम तोड़ने वालों के चालान भी काटे जाएंगे। नगर परिषद ने एक प्राइवेट कंपनी को शहर के सभी खाली प्लॉटों और गंदगी वाले स्थानों की सफाई का ठेका दिया है, जिसने काम शुरू कर दिया है। जल्द ही इन क्षेत्रों की पूरी तरह सफाई करवाई जाएगी। इसके अलावा हम समय-समय पर प्लास्टिक का प्रयोग करने वाले दुकानदारों के चालान भी करते रहते हैं। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज की जाएगी। - मनोज कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर
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इसी तरह के-एरिया से पटियाला चौक की ओर जाने वाली सड़क पर सुखना-चो के किनारे भी हर समय कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। इन स्थानों से उठने वाली दुर्गंध से लोगों का वहां से गुजरना दूभर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कचरे में करीब 90 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक कचरे का होता है, जो सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, पैकेट और अन्य कचरा लंबे समय तक सड़कों पर पड़ा रहता है, इससे मच्छर, मक्खियां और आवारा पशु पनपते हैं। इससे डेंगू, मलेरिया, त्वचा रोग और सांस से संबंधी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
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राहगीरों जसपाल सिंह, राकेश कुमार, मनोज, सुखविंदर और संदीप सिंह का कहना है कि प्लास्टिक कचरे के कारण नालियां भी जाम हो जाती हैं, इससे बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए विशेष योजना बनाएं। सड़कों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। नागरिकों से भी अपील की गई कि वे अपने घरों का कूड़ा खुले में न फेंककर डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले सफाईकर्मियों को ही दें।
दोनों प्रमुख स्थानों से सोमवार को पूरा कूड़ा उठवा दिया जाएगा। वहां कूड़ा न गिराने के संबंध में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और नियम तोड़ने वालों के चालान भी काटे जाएंगे। नगर परिषद ने एक प्राइवेट कंपनी को शहर के सभी खाली प्लॉटों और गंदगी वाले स्थानों की सफाई का ठेका दिया है, जिसने काम शुरू कर दिया है। जल्द ही इन क्षेत्रों की पूरी तरह सफाई करवाई जाएगी। इसके अलावा हम समय-समय पर प्लास्टिक का प्रयोग करने वाले दुकानदारों के चालान भी करते रहते हैं। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज की जाएगी। - मनोज कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर