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Mohali News: फर्जी हाजिरी मामले में गिरफ्तार पार्षद की जेठानी को अदालत ने भेजा जेल
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मोहाली। आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुई चंडीगढ़ की पार्षद सुमन शर्मा की जेठानी कोमल शर्मा का रिमांड खत्म होने के बाद बुधवार को उनको जिला अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एसएचओ सोहाना सुनील कुमार ने बताया कि कोमल शर्मा अपनी जाली हाजिरी शीट बनाकर भेजती थी। उसने सरकारी पद पर रहते हुए नकली दस्तावेज तैयार किए इस कारण उसके खिलाफ पांच नईं धाराएं जोड़ी गईं थीं।
शुरुआत में कोमल शर्मा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 316(5) के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में पूछताछ में हुए खुलासों के बाद गंभीर धाराएं जोड़ दी गईं। इनमें धारा 340(2) (नकली दस्तावेज को असली बनाना), 336(3) (कागजात के आधार पर धोखाधड़ी), 338 (जालसाजी), 336(2) (डिजिटल दस्तावेज गायब करना) और 318(4) (गलत कागजातों को सही बताना) जैसी धाराओं को जोड़ा गया है। कानून अनुसार इन धाराओं में सात साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
कोमल शर्मा बोर्ड में क्लर्क (आउटसोर्स) के पद पर कार्यरत थी। उसकी ड्यूटी चेयरमैन के कैंप कार्यालय सेक्टर-76 मोहाली में लगाई गई थी, जबकि हाजिरी रिपोर्ट मुख्य कार्यालय सेक्टर-27 चंडीगढ़ में भेजी जाती थी। आरोपी पिछले कुछ समय से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थी, इसके बावजूद वह नियमित रूप से अपनी हाजिरी रिपोर्ट कार्यालय भेजती रही और वेतन प्राप्त करती रही। दिसंबर 2025 की हाजिरी रिपोर्ट समय पर ना मिलने पर मामले की जांच शुरू हुई।
इस दौरान चेयरमैन कार्यालय से स्पष्ट किया गया कि संबंधित कर्मचारी काफी समय से गैरहाजिर थी। इसके बावजूद उसकी ओर से हाजिरी रिपोर्ट भेजे जाने और वेतन आहरित करने का खुलासा हुआ। इस संबंध में चेयरमैन के निर्देश पर विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसके बाद मामला विजिलेंस ब्यूरो को भेजा गया। विजिलेंस ब्यूरो के माध्यम से शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहाली को भेजी गई। जांच के बाद थाना सोहाना पुलिस ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ फर्जीवाड़ा और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला दर्ज कर लिया था।
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शुरुआत में कोमल शर्मा को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 316(5) के तहत केस दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में पूछताछ में हुए खुलासों के बाद गंभीर धाराएं जोड़ दी गईं। इनमें धारा 340(2) (नकली दस्तावेज को असली बनाना), 336(3) (कागजात के आधार पर धोखाधड़ी), 338 (जालसाजी), 336(2) (डिजिटल दस्तावेज गायब करना) और 318(4) (गलत कागजातों को सही बताना) जैसी धाराओं को जोड़ा गया है। कानून अनुसार इन धाराओं में सात साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है।
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कोमल शर्मा बोर्ड में क्लर्क (आउटसोर्स) के पद पर कार्यरत थी। उसकी ड्यूटी चेयरमैन के कैंप कार्यालय सेक्टर-76 मोहाली में लगाई गई थी, जबकि हाजिरी रिपोर्ट मुख्य कार्यालय सेक्टर-27 चंडीगढ़ में भेजी जाती थी। आरोपी पिछले कुछ समय से ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थी, इसके बावजूद वह नियमित रूप से अपनी हाजिरी रिपोर्ट कार्यालय भेजती रही और वेतन प्राप्त करती रही। दिसंबर 2025 की हाजिरी रिपोर्ट समय पर ना मिलने पर मामले की जांच शुरू हुई।
इस दौरान चेयरमैन कार्यालय से स्पष्ट किया गया कि संबंधित कर्मचारी काफी समय से गैरहाजिर थी। इसके बावजूद उसकी ओर से हाजिरी रिपोर्ट भेजे जाने और वेतन आहरित करने का खुलासा हुआ। इस संबंध में चेयरमैन के निर्देश पर विभागीय स्तर पर रिकॉर्ड की जांच की गई, जिसके बाद मामला विजिलेंस ब्यूरो को भेजा गया। विजिलेंस ब्यूरो के माध्यम से शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मोहाली को भेजी गई। जांच के बाद थाना सोहाना पुलिस ने आरोपी क्लर्क के खिलाफ फर्जीवाड़ा और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला दर्ज कर लिया था।