Rajasthan News:गहलोत बोले- मंत्रियों, मुख्यमंत्री व डिप्टी सीएम चाहिए अपने बेटों को दूर रखें, वरना होगी बदनामी
राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हरिसिंह रावत के बेटे रणजीत सिंह पर लग रहे आरोपों को लेकर गुरुवार को पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी पर कसा सियासी तंज, बोले-बेटों को सत्ता से दूर रखें, वरना विवाद और बदनामी बढ़ेगी।
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विस्तार
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार और केंद्र की विदेश नीति को लेकर तीखा हमला बोला है। जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि वे अपने बेटों को सत्ता और सरकारी कामकाज से दूर रखें, ताकि अनावश्यक विवाद और बदनामी से बचा जा सके।
भीम विधायक के बेटे से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि जब से सरकार बनी है, तब से मंत्रियों के बेटों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के सदस्य सत्ता के करीब रहेंगे तो अनजाने में ऐसी गतिविधियां हो सकती हैं, जिससे सरकार और नेताओं की छवि को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को अच्छे संस्कार दें और उन्हें सत्ता से दूर रखें।
गौरतलब है कि राजस्थान के राजसमंद जिले के भीम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हरिसिंह रावत के बेटे रणजीत सिंह पर गंभीर आरोप लगे हैं कि 8 मार्च की रात को उन्होंने जेसीबी के जरिए 4 पक्के मकानों को अवैध रूप से जमींदोज करवा दिया।
विदेश मंत्री के बयान पर उठाए सवाल
गहलोत ने एस जयशंकर के बयान पर भी आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विदेश मंत्री को इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। “दलाली जैसे शब्दों का इस्तेमाल कूटनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं है। यदि यह जुबान फिसलने से हुआ है तो उन्हें खेद व्यक्त करना चाहिए,” उन्होंने कहा।
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अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता
गहलोत ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात बेहद संवेदनशील हैं और दुनिया एक अनिश्चित दिशा में बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण तेल और गैस संकट गहराता जा रहा है, जिसको लेकर पहले ही राहुल गांधी ने चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय पर तैयारी नहीं कर पाई, जिससे अब स्थिति और गंभीर हो रही है।
ट्रंप और वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि किसी भी देश के शीर्ष नेता द्वारा दूसरे देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल असामान्य है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिए गलत संकेत बताया।
पाकिस्तान और वैश्विक स्थिति पर बयान
गहलोत ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसकी अंतरराष्ट्रीय हैसियत सीमित है, फिर भी वह मध्यस्थता की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि इतिहास में हर युद्ध में पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा है।
देश की स्थिति पर चिंता
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भारत की स्थिति मजबूत थी, जबकि आज हालात बदलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में सभी देशों को शांति स्थापित करने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।