{"_id":"68370a761c3fa66c050925a5","slug":"rbse-10th-result-2025-sikar-tops-the-results-of-rajasthan-board-of-secondary-education-news-in-hindi-2025-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"RBSE 10th Result 2025 Live: सीकर जिले ने किया टॉप, प्रतापगढ़ और कोटा पिछड़े; इस बार 93.6% रहा परिणाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
RBSE 10th Result 2025 Live: सीकर जिले ने किया टॉप, प्रतापगढ़ और कोटा पिछड़े; इस बार 93.6% रहा परिणाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर/कोटा/अजमेर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 28 May 2025 06:37 PM IST
विज्ञापन
सार
RBSE 10th Result 2025: राजस्थान बोर्ड 10वीं की परीक्षा दे चुके दस लाख छात्रों के बोर्ड रिजल्ट का इंतजार आज खत्म हो चुका है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज, 28 मई को शाम 4 बजे आरबीएसई 10वीं बोर्ड रिजल्ट 2025 घोषित कर दिया है। इस साल के परिणाम में सीकर जिला अव्वल रहा।
बोर्ड रिजल्ट
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया गया है। इस वर्ष कुल 10,94,186 छात्रों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था, जिनमें से 10,71,460 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। कुल 10,02,842 छात्र सफल घोषित किए गए हैं, जिससे कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 93.03% रहा।
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़ें: दसवीं के रिजल्ट में बेटियों ने मारी बाजी, जैसलमेर की भावना ने हासिल किए 99.67 प्रतिशत लड़कियों ने एक बार फिर बाज़ी मारी है। इस बार लड़कियों का पास प्रतिशत 94.08% रहा, जबकि लड़कों का पास प्रतिशत 93.16% दर्ज किया गया। कुल पास होने वाले छात्रों में 5,23,043 लड़के और 4,79,799 लड़कियां शामिल हैं। रिजल्ट के अनुसार, 5,46,370 छात्रों को प्रथम श्रेणी प्राप्त हुई, जबकि 3,76,774 छात्रों को द्वितीय श्रेणी और 79,519 को तृतीय श्रेणी मिली। केवल पास की श्रेणी में 179 छात्र आए हैं। वहीं, 30,599 छात्रों को सप्लीमेंट्री दी गई है।
जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो टॉप 5 जिलों में सीकर (97.56%), झुंझुनू (97.53%), नागौर (97.26%), डीडवाना-कुचामन (97.23%) और कोटपुतली-बहरोड़ (96.15%) शामिल हैं। वहीं प्रदर्शन में पीछे रहने वाले जिले प्रतापगढ़ (83.92%), धौलपुर (87.75%), कोटा (87.90%), बारां (88.17%) और सलूम्बर (88.61%) हैं। रिजल्ट में लड़कियों की बेहतर परफॉर्मेंस और जिलेवार अंतर ने एक बार फिर शिक्षा के क्षेत्र में असमानता और सुधार की आवश्यकता को उजागर किया है।