सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Ajmer News ›   SOG Cracks Down on Fake FMGE Certificate Racket, Former RMC Registrar Among 18 Arrested

Rajasthan News: FMGE फर्जी सर्टिफिकेट मामले में SOG की बड़ी कार्रवाई, पूर्व RMC रजिस्ट्रार समेत 18 गिरफ्तार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 25 Mar 2026 05:55 PM IST
विज्ञापन
सार

Fake FMGE Certificate Case: राजस्थान एसओजी ने फर्जी FMGE सर्टिफिकेट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व RMC रजिस्ट्रार समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि बिना सत्यापन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई लोगों का डॉक्टर के रूप में रजिस्ट्रेशन किया गया।

SOG Cracks Down on Fake FMGE Certificate Racket, Former RMC Registrar Among 18 Arrested
आरएमसी के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा तथा तत्कालीन नोडल ऑफिसर अखिलेश माथुर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए डॉ. राजेश शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। वह राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के पूर्व रजिस्ट्रार रह चुके हैं। यह गिरफ्तारी फर्जी एफएमजीसी सर्टिफिकेट और अवैध रजिस्ट्रेशन से जुड़े मामले में हुई है। एसओजी ने इस मामले में डॉ. राजेश शर्मा समेत कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि मिलीभगत से फर्जी सर्टिफिकेट और रजिस्ट्रेशन जारी किए गए, जिससे बिना योग्यता वाले लोगों को डॉक्टर के रूप में पंजीकृत कर दिया गया।

Trending Videos


एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि डीआईजी पारिश देशमुख के नेतृत्व में राज्यभर में दबिश दी गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। एडीजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा किया। गौरतलब है कि इस मामले की जांच के लिए 1 अक्तूबर 2024 को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने 5 सदस्यीय कमेटी गठित की थी। अंतरिम रिपोर्ट में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर डॉ. राजेश शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, इस पूरे घोटाले का खुलासा एक मीडिया रिपोर्ट के जरिए हुआ था, जिसमें सामने आया कि करीब 98 फर्जी डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन किया गया। इनमें ऐसे लोग भी शामिल थे जिन्होंने न तो मेडिकल की पढ़ाई की थी और न ही इंटर्नशिप।

यह भी पढें- Rajasthan LPG Crisis: जयपुर में पांच हजार आटो बंद; ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पर संकट

जांच में यह भी सामने आया कि आवेदकों ने फर्जी सर्टिफिकेट, एनओसी और अन्य दस्तावेज अपलोड किए थे। वहीं काउंसिल ने बिना उचित सत्यापन के जाली ई-मेल को वेरिफिकेशन के तौर पर फाइलों में जोड़कर रजिस्ट्रेशन जारी कर दिए। फिलहाल एसओजी मामले की गहन जांच में जुटी है और इस घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed