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Balotra News: बालोतरा में शीतलहर का असर, कलेक्टर ने PP+3 से 8वीं तक स्कूलों में 3 दिन का अवकाश किया घोषित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 07:07 PM IST
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सार
Balotra News: बालोतरा के जिला कलेक्टर सुशील कुमार ने जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड को देखते हुए PP+3 से कक्षा 8 तक के स्कूलों को 10 जनवरी तक बंद रखने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि आदेश को न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सुशील कुमार
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विस्तार
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बालोतरा जिले में पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। न्यूनतम तापमान में आई भारी गिरावट के कारण खासकर छोटे बच्चों और स्कूली विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है।
कलेक्टर ने 10 जनवरी तक स्कूल बंद करने का दिया आदेश
जिला कलेक्टर सुशील कुमार के निर्देशानुसार जिले में संचालित सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा PP+3 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 8 जनवरी 2026 से 10 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय पूरी तरह से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शीतलहर से बचाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रशासन ने बताया क्यों लिया स्कूल बंद करने का फैसला
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषकर सुबह के समय शीतलहर का प्रभाव अधिक होने से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह अवकाश घोषित किया गया है।
शिक्षकों को आना होगा स्कूल
हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा, लेकिन विद्यालयों का शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहेगा और विभागीय कार्यों का संपादन करेगा। अवकाश को लेकर किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश न मानने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले समस्त राजकीय, गैर-राजकीय विद्यालयों, निजी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में इस आदेश की प्रभावी ढंग से पालना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि कोई विद्यालय आदेशों की अवहेलना करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों ने प्रशासन के फैसले को सराहा
प्रशासन का यह निर्णय अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सराहना का विषय बना हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए इस तरह की ठंड में स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है और प्रशासन का यह कदम समय पर लिया गया एक आवश्यक फैसला है।
ये भी पढ़ें: पचपदरा रिफाइनरी का कैसा होगा सुरक्षा घेरा, इतने जवानों की तैनाती, जानें किसके हाथ में है कमान
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी की खास अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस शीतलहर के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें, गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर निकलने से बचें।
कलेक्टर ने 10 जनवरी तक स्कूल बंद करने का दिया आदेश
जिला कलेक्टर सुशील कुमार के निर्देशानुसार जिले में संचालित सभी राजकीय एवं निजी विद्यालयों में कक्षा PP+3 से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 8 जनवरी 2026 से 10 जनवरी 2026 तक अवकाश घोषित किया गया है। यह निर्णय पूरी तरह से विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और शीतलहर से बचाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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प्रशासन ने बताया क्यों लिया स्कूल बंद करने का फैसला
प्रशासन की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अत्यधिक ठंड के कारण बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। विशेषकर सुबह के समय शीतलहर का प्रभाव अधिक होने से स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एहतियातन यह अवकाश घोषित किया गया है।
शिक्षकों को आना होगा स्कूल
हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा, लेकिन विद्यालयों का शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय स्टाफ नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहेगा और विभागीय कार्यों का संपादन करेगा। अवकाश को लेकर किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश न मानने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
जिला प्रशासन ने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले समस्त राजकीय, गैर-राजकीय विद्यालयों, निजी स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में इस आदेश की प्रभावी ढंग से पालना सुनिश्चित करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि कोई विद्यालय आदेशों की अवहेलना करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों ने प्रशासन के फैसले को सराहा
प्रशासन का यह निर्णय अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सराहना का विषय बना हुआ है। अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों के लिए इस तरह की ठंड में स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है और प्रशासन का यह कदम समय पर लिया गया एक आवश्यक फैसला है।
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जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी की खास अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे इस शीतलहर के दौरान बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें, गर्म कपड़ों का उपयोग करें और अनावश्यक रूप से ठंड में बाहर निकलने से बचें।