Rajasthan: जयकारों से गूंजा धाम, ध्वजारोहण के साथ शुरू हुआ आदिवासियों का महाकुंभ, दिखा भक्तों का हुजूम
बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले की सीमा पर स्थित बेणेश्वर धाम पर आदिवासियों के महाकुंभ कहे जाने वाले प्रसिद्ध बेणेश्वर मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया है। पीठाधीश्वर महंत अच्युतानंद महाराज ने राधा-कृष्ण मंदिर पर सप्तरंगी ध्वजा फहराकर मेले का आगाज किया।
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बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले की सीमा पर स्थित बेणेश्वर धाम पर आदिवासियों के महाकुंभ कहे जाने वाले प्रसिद्ध बेणेश्वर मेले का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। बेणेश्वर धाम के पीठाधीश्वर महंत अच्युतानंद महाराज ने राधा-कृष्ण मंदिर पर सप्तरंगी ध्वजा फहराकर मेले का आगाज किया। मेले का मुख्य आयोजन माघ पूर्णिमा के दिन 1 फरवरी को होगा, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के बेणेश्वर धाम पहुंचने की संभावना है।
सोम, माही और जाखम नदियों के त्रिवेणी संगम पर स्थित बेणेश्वर धाम में महंत अच्युतानंद महाराज ने राधा-कृष्ण मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद आम्र पल्लव से सुसज्जित सतरंगी ध्वजा की पूजा कर ढोल-नगाड़ों और संत मावजी महाराज की आगलवाणियों के बीच मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के साथ ही संत मावजी महाराज के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और बेणेश्वर मेले का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
मेले के पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। साबला, वालाई और बेणेश्वर धाम की पुलिया पर हजारों श्रद्धालुओं की रेलमपेल रही। धाम स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, शिव मंदिर, ब्रह्माजी मंदिर और वाल्मीकि मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें नजर आईं। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं ने मेले में लगे झूलों और अन्य मनोरंजन साधनों का आनंद लिया।
बेणेश्वर मेले के अंतर्गत 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा के दिन मुख्य मेला भरेगा। इसी दिन महंत की भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। यह पालकी यात्रा साबला स्थित हरि मंदिर से प्रारंभ होकर करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए बेणेश्वर धाम पहुंचेगी। आबूदरा घाट पर महंत के साथ हजारों माव भक्त राजसी स्नान कर आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस अवसर पर राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
बेणेश्वर मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद की गई है। मेले में 800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साबला, वालाई और बांसवाड़ा पुलिया मार्ग से लेकर बेणेश्वर धाम तक जगह-जगह सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। धाम के प्रमुख स्थानों पर 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें नाइट विजन कैमरे भी शामिल हैं, ताकि रात में भी कड़ी निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष ट्रैफिक व्यवस्था की गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेल प्रतियोगिताएं
बेणेश्वर मेले के दौरान जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जनजाति विकास एवं खेल विभाग की ओर से पुरुष और महिला वर्ग की एथलेटिक्स व सितोलिया प्रतियोगिताएं होंगी। इसके अलावा तीरंदाजी, वॉलीबॉल, रस्साकशी, महिलाओं की मटका दौड़, भजन मंडलियां और साफा बांधो प्रतियोगिता भी मेले के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।