{"_id":"6a3d1e1f469f4938fb02b407","slug":"female-constable-suspended-for-sitting-with-her-feet-on-the-table-in-front-of-an-elderly-complainant-banswara-news-c-1-1-noi1402-4433662-2026-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजस्थान में खाकी शर्मसार: थाने में फरियादी के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठी थी कांस्टेबल; एसपी ने किया सस्पेंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजस्थान में खाकी शर्मसार: थाने में फरियादी के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठी थी कांस्टेबल; एसपी ने किया सस्पेंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 11:35 AM IST
सार
डूंगरपुर के बिछीवाड़ा थाने में बुजुर्ग फरियादी के सामने महिला कांस्टेबल के कथित गैर-पेशेवर व्यवहार की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने प्रारंभिक जांच के बाद महिला कांस्टेबल रीना गर्ग को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
बुजुर्ग फरियादी के सामने टेबल पर पैर रखकर बैठी थी महिला कांस्टेबल
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा थाना परिसर से सामने आई एक तस्वीर ने पुलिस विभाग की कार्यशैली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर में एक महिला कांस्टेबल शिकायत लेकर पहुंचे बुजुर्ग फरियादी के सामने गैर-पेशेवर अंदाज में कुर्सी पर बैठी नजर आई। तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लेते हुए महिला कांस्टेबल को तत्काल निलंबित कर दिया।
सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने महिला कांस्टेबल के व्यवहार पर नाराजगी जताई। कई लोगों ने इसे पुलिस विभाग की गरिमा और आम नागरिकों के सम्मान के विपरीत बताया। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि थाने में न्याय और सहायता की उम्मीद लेकर आने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। ऐसे मामलों से पुलिस की सार्वजनिक छवि प्रभावित होती है।
एसपी ने लिया तत्काल संज्ञान
मामले के तूल पकड़ने के बाद डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक ने तस्वीर की प्रारंभिक जांच कराई। जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर बिछीवाड़ा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल रीना गर्ग को निलंबित कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभागीय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Explainer: कब सामने आएगा प्रसूताओं की मौत का सच? सिजेरियन के बाद क्यों बिगड़ी तबीयत? जानिए पूरा मामला
विभागीय जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने पुलिसकर्मियों से आमजन के प्रति संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा जताई है। साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच कर दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग की साख और जनता का विश्वास बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
विज्ञापन
सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने महिला कांस्टेबल के व्यवहार पर नाराजगी जताई। कई लोगों ने इसे पुलिस विभाग की गरिमा और आम नागरिकों के सम्मान के विपरीत बताया। सोशल मीडिया यूजर्स का कहना था कि थाने में न्याय और सहायता की उम्मीद लेकर आने वाले लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। ऐसे मामलों से पुलिस की सार्वजनिक छवि प्रभावित होती है।
विज्ञापन
एसपी ने लिया तत्काल संज्ञान
मामले के तूल पकड़ने के बाद डूंगरपुर पुलिस अधीक्षक ने तस्वीर की प्रारंभिक जांच कराई। जांच में मामला प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर बिछीवाड़ा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल रीना गर्ग को निलंबित कर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभागीय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- Explainer: कब सामने आएगा प्रसूताओं की मौत का सच? सिजेरियन के बाद क्यों बिगड़ी तबीयत? जानिए पूरा मामला
विभागीय जांच की मांग
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने पुलिसकर्मियों से आमजन के प्रति संवेदनशील और मर्यादित व्यवहार की अपेक्षा जताई है। साथ ही मामले की विस्तृत विभागीय जांच कर दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग की साख और जनता का विश्वास बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे मामलों में भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।