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कुवैत से शादी करने घर लौटा था युवक: रस्में भी हुईं, सर्टिफिकेट भी मिला...;अचानक कंगाल कर गई लुटेरी दुल्हन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 07 Jun 2026 05:08 PM IST
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सार
बांसवाड़ा में शादी के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। युवक ने आरोप लगाया कि 5 लाख रुपये लेकर फर्जी शादी कराई गई और नकली विवाह प्रमाण पत्र दिया गया। शादी के सात दिन बाद दुल्हन सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गई।
लुटेरी दुल्हन ने दूल्हे को लगाया लाखों का चूना
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
बांसवाड़ा जिले में शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने आरोप लगाया है कि उससे शादी कराने के नाम पर 5 लाख रुपये लिए गए, फर्जी विवाह प्रमाण पत्र थमाया गया और शादी के महज सात दिन बाद दुल्हन सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर थानाधिकारी रूप सिंह ने बताया कि तलवाड़ा निवासी धीरज पुत्र कन्हैयालाल टेलर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में पूनम सोनी, निकिता दर्जी, नीतू मौसी, मंजू मौसी, अन्नू मौसी, मन्नालाल, सुमित उर्फ सोनू, अधिवक्ता बृजेश सिंह राठौड़ और पंडित सचिन शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है।
शादी कराने के नाम पर वसूले 5 लाख रुपये
पीड़ित धीरज ने बताया कि वह कुवैत में नौकरी करता है। समाज में उपयुक्त रिश्ता नहीं मिलने पर परिवार अन्य समाज में विवाह के लिए प्रयास कर रहा था। इसी दौरान उसके पिता का संपर्क डूंगरपुर जिले के डेचा गांव निवासी निकिता और उसके पति मनोज दर्जी से हुआ। दोनों ने सोनी समाज की युवती से विवाह कराने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि युवती की आर्थिक स्थिति कमजोर बताकर सहायता के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग की गई। परिवार ने 4 लाख रुपये नकद दिए, जबकि 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके बाद शादी इंदौर में कराने की बात कही गई।
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इंदौर में कराई रस्में, बाद में सामने आया फर्जीवाड़ा
धीरज के अनुसार वह 31 मार्च 2026 को कुवैत से भारत लौटा था। 8 अप्रैल को वह अपनी मां और रिश्तेदारों के साथ इंदौर पहुंचा। वहां पूरे दिन लड़की पक्ष का इंतजार कराया गया। बाद में विभिन्न बहाने बनाकर शादी की रस्में कराई गईं और सामाजिक रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न होने का भरोसा दिया गया। धीरज का आरोप है कि बाद में अधिवक्ता और पंडित के माध्यम से एक विवाह प्रमाण पत्र दिया गया, जो बाद में जांच में फर्जी निकला।
ये भी पढ़ें- Banswara News: 2500 करोड़ की सिंचाई परियोजना बदलेगी वागड़ की तस्वीर, 338 गांवों को मिलेगा पानी, 40% काम पूरा
सात दिन बाद घर से गायब हुई दुल्हन
शादी के बाद धीरज अपनी पत्नी पूनम को लेकर तलवाड़ा आ गया। आरोप है कि 16 अप्रैल की रात पूनम बिना किसी सूचना के घर से चली गई। फोन पर उसने भोपाल में बहन के घर जाने की बात कही, लेकिन बाद में उसका मोबाइल बंद आने लगा। पीड़ित का कहना है कि दुल्हन घर में रखे सोने-चांदी के जेवर भी अपने साथ ले गई। जब उसने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कथित रूप से धमकियां दी गईं और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
इंदौर जाकर जानकारी जुटाने पर विवाह प्रमाण पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद पीड़ित ने सदर थाने में धोखाधड़ी, धमकी और साजिश के आरोप में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
सदर थानाधिकारी रूप सिंह ने बताया कि तलवाड़ा निवासी धीरज पुत्र कन्हैयालाल टेलर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट में पूनम सोनी, निकिता दर्जी, नीतू मौसी, मंजू मौसी, अन्नू मौसी, मन्नालाल, सुमित उर्फ सोनू, अधिवक्ता बृजेश सिंह राठौड़ और पंडित सचिन शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है।
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शादी कराने के नाम पर वसूले 5 लाख रुपये
पीड़ित धीरज ने बताया कि वह कुवैत में नौकरी करता है। समाज में उपयुक्त रिश्ता नहीं मिलने पर परिवार अन्य समाज में विवाह के लिए प्रयास कर रहा था। इसी दौरान उसके पिता का संपर्क डूंगरपुर जिले के डेचा गांव निवासी निकिता और उसके पति मनोज दर्जी से हुआ। दोनों ने सोनी समाज की युवती से विवाह कराने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि युवती की आर्थिक स्थिति कमजोर बताकर सहायता के नाम पर 5 लाख रुपये की मांग की गई। परिवार ने 4 लाख रुपये नकद दिए, जबकि 1 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। इसके बाद शादी इंदौर में कराने की बात कही गई।
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धीरज के अनुसार वह 31 मार्च 2026 को कुवैत से भारत लौटा था। 8 अप्रैल को वह अपनी मां और रिश्तेदारों के साथ इंदौर पहुंचा। वहां पूरे दिन लड़की पक्ष का इंतजार कराया गया। बाद में विभिन्न बहाने बनाकर शादी की रस्में कराई गईं और सामाजिक रीति-रिवाजों से विवाह संपन्न होने का भरोसा दिया गया। धीरज का आरोप है कि बाद में अधिवक्ता और पंडित के माध्यम से एक विवाह प्रमाण पत्र दिया गया, जो बाद में जांच में फर्जी निकला।
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सात दिन बाद घर से गायब हुई दुल्हन
शादी के बाद धीरज अपनी पत्नी पूनम को लेकर तलवाड़ा आ गया। आरोप है कि 16 अप्रैल की रात पूनम बिना किसी सूचना के घर से चली गई। फोन पर उसने भोपाल में बहन के घर जाने की बात कही, लेकिन बाद में उसका मोबाइल बंद आने लगा। पीड़ित का कहना है कि दुल्हन घर में रखे सोने-चांदी के जेवर भी अपने साथ ले गई। जब उसने आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कथित रूप से धमकियां दी गईं और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
इंदौर जाकर जानकारी जुटाने पर विवाह प्रमाण पत्र फर्जी होने की जानकारी मिली। इसके बाद पीड़ित ने सदर थाने में धोखाधड़ी, धमकी और साजिश के आरोप में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।