{"_id":"6a20161bb3c02d14f8022a76","slug":"bikaner-bikaner-connection-in-tirupati-laddu-controversy-ed-raids-ghee-traders-office-bikaner-news-c-1-1-noi1354-4354158-2026-06-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"तिरुपति लड्डू विवाद: पहले आयकर विभाग, अब ईडी की एंट्री; घी कारोबारी के ठिकाने पर दबिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तिरुपति लड्डू विवाद: पहले आयकर विभाग, अब ईडी की एंट्री; घी कारोबारी के ठिकाने पर दबिश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: बीकानेर ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 06:14 PM IST
विज्ञापन
सार
तिरुपति लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल घी की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच अब बीकानेर पहुंच गई है। ईडी ने शहर के एक घी कारोबारी के कार्यालय पर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच शुरू की है। एजेंसी सप्लाई चेन और कथित अनियमितताओं से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
घी व्यापारी के ऑफिस पर ईडी की रेड
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
देशभर में चर्चित तिरुपति लड्डू प्रसाद घी मामले की जांच अब राजस्थान के बीकानेर तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बुधवार सुबह शहर के कोयला गली क्षेत्र स्थित एक घी कारोबारी के कार्यालय पर पहुंचकर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
ईडी की टीम ने दस्तावेजों की पड़ताल की
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल किए गए घी की आपूर्ति से जुड़े मामले में की जा रही है। ईडी की टीम सुबह कार्यालय पहुंची और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल में जुट गई। कार्रवाई की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची, हालांकि जांच एजेंसी ने अपने स्तर पर कार्रवाई जारी रखी।
आयकर विभाग कर चुका है कार्रवाई
गौरतलब है कि, संबंधित फर्म पर इससे पहले 15 जनवरी 2026 को आयकर विभाग की टीम भी कार्रवाई कर चुकी है। करीब साढ़े चार महीने बाद ईडी की जांच शुरू होने से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2022 में तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उत्तराखंड की एक डेयरी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।
आरोप है कि ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद संबंधित संचालकों ने अन्य फर्मों के नाम से टेंडर हासिल कर घी की आपूर्ति जारी रखी। जांच में कुछ अन्य डेयरी फर्मों के नाम भी सामने आए थे, जिनके जरिए सप्लाई चेन संचालित किए जाने की आशंका जताई गई थी। अब ईडी पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन, सप्लाई नेटवर्क और संभावित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घी आपूर्ति से जुड़े अनुबंधों और भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी तो नहीं हुई।
ये भी पढ़ें- चार साल का साथ और दर्दनाक अंत: जिसे समझा जा रहा था अंधा कत्ल, उसका गुनहगार निकला लिव-इन पार्टनर
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।
ईडी की टीम ने दस्तावेजों की पड़ताल की
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल किए गए घी की आपूर्ति से जुड़े मामले में की जा रही है। ईडी की टीम सुबह कार्यालय पहुंची और आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल में जुट गई। कार्रवाई की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची, हालांकि जांच एजेंसी ने अपने स्तर पर कार्रवाई जारी रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयकर विभाग कर चुका है कार्रवाई
गौरतलब है कि, संबंधित फर्म पर इससे पहले 15 जनवरी 2026 को आयकर विभाग की टीम भी कार्रवाई कर चुकी है। करीब साढ़े चार महीने बाद ईडी की जांच शुरू होने से यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2022 में तिरुपति मंदिर के प्रसिद्ध लड्डू प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने पूरे मामले की जांच की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उत्तराखंड की एक डेयरी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।
आरोप है कि ब्लैकलिस्ट होने के बावजूद संबंधित संचालकों ने अन्य फर्मों के नाम से टेंडर हासिल कर घी की आपूर्ति जारी रखी। जांच में कुछ अन्य डेयरी फर्मों के नाम भी सामने आए थे, जिनके जरिए सप्लाई चेन संचालित किए जाने की आशंका जताई गई थी। अब ईडी पूरे मामले में वित्तीय लेन-देन, सप्लाई नेटवर्क और संभावित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घी आपूर्ति से जुड़े अनुबंधों और भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी तो नहीं हुई।
ये भी पढ़ें- चार साल का साथ और दर्दनाक अंत: जिसे समझा जा रहा था अंधा कत्ल, उसका गुनहगार निकला लिव-इन पार्टनर
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है। जांच एजेंसी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।