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Rajasthan: PBM अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला जारी, एक की मौत; दूसरी की हालत गंभीर
Fri, 07 Aug 2026 07:21 PM IST
बीकानेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: बीकानेर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 07:21 PM IST
सार
Rajasthan News: बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत और गंभीर हालत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। गुरुवार देर रात चूरू निवासी संतोष देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि नागौर निवासी इमरती देवी की हालत गंभीर बनी हुई है।
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पीबीएम अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
संभाग के सबसे बड़े पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की मौत के मामलों को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। गुरुवार देर रात चूरू निवासी प्रसूता संतोष देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि नागौर निवासी एक अन्य प्रसूता इमरती देवी की हालत गंभीर बनी हुई है। इससे पहले भी पीबीएम अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद कई प्रसूताओं की मौत के मामले सामने आ चुके हैं, जिनको लेकर पीबीएम अस्पताल सवालों के घेरे में रहा है।
कार्डियक अरेस्ट के बाद गंभीर हालत में पहुंची थीं संतोष देवी
पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के अनुसार, संतोष देवी को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज चूरू से बीकानेर रेफर किया गया था। उन्हें कार्डियक अरेस्ट आने के बाद पीबीएम लाया गया, जहां बुधवार सुबह वेंटिलेटर पर रखकर उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई।
सिजेरियन के कुछ घंटे बाद बिगड़ी इमरती की तबीयत
वहीं, नागौर निवासी इमरती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर नोखा सीएचसी से रेफर किया गया था। उन्हें 4 अगस्त को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। 5 अगस्त की रात सिजेरियन ऑपरेशन से उनकी डिलीवरी कराई गई। ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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2026 में अब तक 17 प्रसूताओं की मौत का दावा
गौरतलब है कि हाल के महीनों में पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद गंभीर जटिलताओं के कई मामले सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक पीबीएम अस्पताल में 17 प्रसूताओं की मौत दर्ज की जा चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों ने मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।
यह भी पढ़ें: छात्रसंघ चुनाव की मांग पर एबीवीपी का हंगामा, PG कॉलेज के गेट पर जड़ा ताला; पुलिस से धक्का-मुक्की
अस्पताल प्रशासन ने गंभीर हालत को बताया वजह
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मामलों में मरीज गंभीर हालत में रेफर होकर पीबीएम अस्पताल पहुंचते हैं। इसके अलावा कई मरीजों में पहले से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं मौजूद होती हैं, जिन्हें उनकी स्थिति बिगड़ने का कारण बताया जा रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच अस्पताल की व्यवस्थाओं और प्रसूताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
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कार्डियक अरेस्ट के बाद गंभीर हालत में पहुंची थीं संतोष देवी
पीबीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. बी.सी. घीया के अनुसार, संतोष देवी को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज चूरू से बीकानेर रेफर किया गया था। उन्हें कार्डियक अरेस्ट आने के बाद पीबीएम लाया गया, जहां बुधवार सुबह वेंटिलेटर पर रखकर उपचार शुरू किया गया। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी और गुरुवार देर रात उनकी मौत हो गई।
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सिजेरियन के कुछ घंटे बाद बिगड़ी इमरती की तबीयत
वहीं, नागौर निवासी इमरती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर नोखा सीएचसी से रेफर किया गया था। उन्हें 4 अगस्त को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया। 5 अगस्त की रात सिजेरियन ऑपरेशन से उनकी डिलीवरी कराई गई। ऑपरेशन के कुछ घंटे बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। फिलहाल उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
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2026 में अब तक 17 प्रसूताओं की मौत का दावा
गौरतलब है कि हाल के महीनों में पीबीएम अस्पताल में प्रसव के बाद गंभीर जटिलताओं के कई मामले सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक पीबीएम अस्पताल में 17 प्रसूताओं की मौत दर्ज की जा चुकी है। लगातार बढ़ते मामलों ने मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है।
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अस्पताल प्रशासन ने गंभीर हालत को बताया वजह
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मामलों में मरीज गंभीर हालत में रेफर होकर पीबीएम अस्पताल पहुंचते हैं। इसके अलावा कई मरीजों में पहले से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं मौजूद होती हैं, जिन्हें उनकी स्थिति बिगड़ने का कारण बताया जा रहा है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच अस्पताल की व्यवस्थाओं और प्रसूताओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।