Bikaner News: जब रेत ने पहना उत्सव का ताज! कैमल फेस्टिवल में दिखी रॉयल राजस्थान की शान
बीकानेर में शुरू हुआ इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 राजस्थान की जीवंत लोक-संस्कृति और ऊंटों से जुड़ी परंपराओं का भव्य उत्सव बनकर उभरा है। तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में सजे-धजे ऊंट, लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक वेशभूषा, हेरिटेज वॉक और स्थानीय व्यंजनों की खुशबू ने शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया है।
विस्तार
राजस्थान की सतरंगी संस्कृति का अनोखा संगम इन दिनों बीकानेर में देखने को मिल रहा है। आज से इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल 2026 की भव्य शुरुआत हो गई है, जो 9 से 11 जनवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। इस महोत्सव में ‘रेगिस्तान के जहाज’ कहे जाने वाले ऊंटों की शान के साथ-साथ राजस्थानी परंपराओं, लोक संस्कृति और रंग-बिरंगे आयोजनों की झलक देखने को मिल रही है। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित इस फेस्टिवल में सजे-धजे ऊंट, रौबीली मूंछों-दाढ़ियों वाले युवक और पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही हैं।
फेस्टिवल की शुरुआत हेरिटेज वॉक से हुई, जो लक्ष्मीनाथ जी मंदिर से शुरू होकर बड़ा बाजार, मोहता चौक, मरुनायक चौक और मावा पट्टी होते हुए रामपुरिया हवेली तक पहुंची। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के आगमन के बाद शुरू हुई इस हेरिटेज वॉक में लोक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। सजे-धजे ऊंटों के साथ चलते रौबीले युवकों ने विदेशी सैलानियों का खूब ध्यान खींचा। वहीं राजस्थानी परिधानों में सजी महिलाएं और शहर की ऐतिहासिक रम्मत परंपरा का लाइव प्रदर्शन भी लोगों के लिए खास आकर्षण रहा।
हेरिटेज वॉक के पूरे मार्ग पर नगर निगम की ओर से विशेष सफाई अभियान चलाया गया। जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए, पारंपरिक सजावट की गई और पर्यटकों के लिए जलपान की व्यवस्था की गई। इस दौरान भुजिया, घेवर और जलेबी बनाने की लाइव प्रक्रिया भी दिखाई गई, जिसे देखकर देशी-विदेशी पर्यटक काफी उत्साहित नजर आए।
ये भी पढ़ें: जिला कलेक्टर की तत्परता से बदली दिव्यांग की जिंदगी, मिली ट्राईसाइकिल और चालू हुआ राशन
आज के मुख्य कार्यक्रमों के तहत सुबह 11:30 बजे तक लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हेरिटेज वॉक आयोजित की गई। इसके बाद सुबह 11:30 से दोपहर 2 बजे तक जिला उद्योग संघ परिसर में ‘मान मनुहार’ के अंतर्गत ट्रेडिशनल बीकानेरी फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया। दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक धरणीधर ग्राउंड में ‘प्राउड एंड प्राइड ऑफ बीकानेर’ और ‘वॉयस ऑफ बीकानेर’ कार्यक्रम के साथ मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण शो और ढोला-मारू प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। वहीं शाम 7 से रात 10 बजे तक ‘बीकाणा री आवाज’ के तहत लोकल ग्रुप म्यूजिकल बैंड प्रतियोगिता होगी।
आने वाले दिनों में ऊंट नृत्य, फर कटिंग, ऊंट सजावट और ऊंट दौड़ जैसी रोमांचक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इंटरनेशनल कैमल फेस्टिवल न सिर्फ ऊंटों की शान और महत्व को दर्शाता है, बल्कि बीकानेर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश और दुनिया के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है।