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Bundi: दो दिन से लापता दो ममेरे भाइयों का शव खदान में भरे पानी में मिला, पुलिस जांच में जुटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: बूँदी ब्यूरो
Updated Tue, 25 Mar 2025 05:06 PM IST
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सार
Bundi: हिंडोली थाना प्रभारी सहदेव सिंह मीणा ने बताया कि मृतकों की पहचान 14 वर्षीय अंशुल और 11 वर्षीय दिव्यांश के रूप में हुई है। परिजनों ने रविवार को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। दोनों बच्चे खेत से घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे।
ममेरे भाइयों का शव खदान में भरे पानी में मिला
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
बूंदी जिले के हिंडोली उपखंड क्षेत्र की उमर पंचायत के बासनी गांव में दो दिन से लापता दो ममेरे भाइयों के शव मंगलवार सुबह एक पुरानी खदान में भरे पानी में तैरते हुए मिले। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने निकाले शव, परिजनों में कोहराम
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सिविल डिफेंस टीम और स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों बच्चों के शव खदान से बाहर निकाले गए। हिंडोली अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
हिंडोली थाना प्रभारी सहदेव सिंह मीणा ने बताया कि मृतकों की पहचान 14 वर्षीय अंशुल और 11 वर्षीय दिव्यांश के रूप में हुई है। परिजनों ने रविवार को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। दोनों बच्चे खेत से घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे।
चप्पल से मिली सुराग
मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने खदान में एक बच्चे की चप्पल तैरती देखी। जब पास जाकर देखा गया, तो दोनों बच्चों के शव पानी में तैरते मिले। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए।
पढ़ें: मीणा समाज के गौरवशाली इतिहास पर डॉक्यूमेंट्री फिल्म का भव्य प्रदर्शन, लोगों ने की जमकर सराहना
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक अंशुल के पिता सुरेश मीणा सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि दिव्यांश अपने पिता चंद्रप्रकाश मीणा का इकलौता बेटा था। दोनों बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
विधायक ने जताया शोक
हादसे पर स्थानीय विधायक अशोक चांदना ने गहरा दुख व्यक्त किया और परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
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पुलिस ने निकाले शव, परिजनों में कोहराम
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। सिविल डिफेंस टीम और स्थानीय लोगों की सहायता से दोनों बच्चों के शव खदान से बाहर निकाले गए। हिंडोली अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।
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हिंडोली थाना प्रभारी सहदेव सिंह मीणा ने बताया कि मृतकों की पहचान 14 वर्षीय अंशुल और 11 वर्षीय दिव्यांश के रूप में हुई है। परिजनों ने रविवार को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। दोनों बच्चे खेत से घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे।
चप्पल से मिली सुराग
मंगलवार सुबह ग्रामीणों ने खदान में एक बच्चे की चप्पल तैरती देखी। जब पास जाकर देखा गया, तो दोनों बच्चों के शव पानी में तैरते मिले। इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव बाहर निकलवाए और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक अंशुल के पिता सुरेश मीणा सेना से सेवानिवृत्त हैं, जबकि दिव्यांश अपने पिता चंद्रप्रकाश मीणा का इकलौता बेटा था। दोनों बच्चों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है और घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
विधायक ने जताया शोक
हादसे पर स्थानीय विधायक अशोक चांदना ने गहरा दुख व्यक्त किया और परिजनों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रशासन से मामले की गहराई से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।