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Dausa: दौसा में दिल दहला देने वाला हादसा: बहन को बचाने नदी में कूदा भाई, फिर दोस्त… तीनों की डूबकर मौत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 07:01 PM IST
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सार
दौसा जिले के सैंथल थाना क्षेत्र में बाणगंगा नदी में डूबने से भाई-बहन समेत तीन बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। चार बच्चे मवेशी चराने के लिए नदी के पास गए थे, तभी पैर फिसलने से एक बच्ची गहरे गड्ढे में गिर गई।
बाणगंगा नदी में डूबे तीन बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजस्थान के दौसा जिले के सैंथल थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां बाणगंगा नदी में डूबने से भाई-बहन समेत तीन बच्चों की मौत हो गई। तीनों बच्चे एक साथ नदी के पास मवेशी चराने गए थे। नदी में बरसाती पानी भरा हुआ था और पैर फिसलने के कारण एक बच्ची गहरे गड्ढे में गिर गई। उसे बचाने के प्रयास में दो अन्य बच्चे भी पानी में कूद पड़े और तीनों ही डूब गए।
जानकारी के अनुसार घटना सैंथल थाना क्षेत्र के बापी गांव के पास बाणगंगा नदी में दोपहर करीब 2:45 बजे हुई। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव नदी के गड्ढे से बाहर निकाले गए। पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
सैंथल थाना प्रभारी रविंद्र चौधरी ने बताया कि जसोता गांव निवासी पायल जायसवाल पुत्री मुरारीलाल (13), श्यामसुंदर पुत्र मुरारीलाल (15) और अमित पुत्र प्रहलाद मीणा (11) की डूबने से मौत हुई है। तीनों जसोता गांव के रहने वाले थे और इनमें पायल तथा श्यामसुंदर भाई-बहन थे।
कोमल मदद लाने दौड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार पायल, श्यामसुंदर, अमित मीणा और कोमल मीणा चारों बच्चे बाणगंगा नदी के पास मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान पायल का पैर फिसल गया और वह नदी के गड्ढे में गिर गई। बहन को बचाने के लिए उसका भाई श्यामसुंदर तुरंत गड्ढे में कूद गया, लेकिन वह भी डूबने लगा। दोनों को डूबता देख अमित मीणा ने भी उन्हें बचाने के लिए गड्ढे में छलांग लगा दी। तीनों को पानी में डूबता देख कोमल मदद लाने के लिए घर की ओर दौड़ी। वह परिजनों और ग्रामीणों को लेकर वापस आती, उससे पहले ही तीनों बच्चे नदी में डूब चुके थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शवों को बाहर निकाला।
नदी के पास ही गेहूं काट रहे थे परिजन
ग्रामीणों ने बताया कि अमित के माता-पिता घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर नदी किनारे खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। वहीं पायल और श्यामसुंदर के परिजन मजदूरी करने गए हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही वे भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर तहसीलदार गजानंद मीणा, थाना प्रभारी रविंद्र चौधरी और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार घटना सैंथल थाना क्षेत्र के बापी गांव के पास बाणगंगा नदी में दोपहर करीब 2:45 बजे हुई। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों बच्चों के शव नदी के गड्ढे से बाहर निकाले गए। पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
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सैंथल थाना प्रभारी रविंद्र चौधरी ने बताया कि जसोता गांव निवासी पायल जायसवाल पुत्री मुरारीलाल (13), श्यामसुंदर पुत्र मुरारीलाल (15) और अमित पुत्र प्रहलाद मीणा (11) की डूबने से मौत हुई है। तीनों जसोता गांव के रहने वाले थे और इनमें पायल तथा श्यामसुंदर भाई-बहन थे।
कोमल मदद लाने दौड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार पायल, श्यामसुंदर, अमित मीणा और कोमल मीणा चारों बच्चे बाणगंगा नदी के पास मवेशी चराने गए थे। इसी दौरान पायल का पैर फिसल गया और वह नदी के गड्ढे में गिर गई। बहन को बचाने के लिए उसका भाई श्यामसुंदर तुरंत गड्ढे में कूद गया, लेकिन वह भी डूबने लगा। दोनों को डूबता देख अमित मीणा ने भी उन्हें बचाने के लिए गड्ढे में छलांग लगा दी। तीनों को पानी में डूबता देख कोमल मदद लाने के लिए घर की ओर दौड़ी। वह परिजनों और ग्रामीणों को लेकर वापस आती, उससे पहले ही तीनों बच्चे नदी में डूब चुके थे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शवों को बाहर निकाला।
नदी के पास ही गेहूं काट रहे थे परिजन
ग्रामीणों ने बताया कि अमित के माता-पिता घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर नदी किनारे खेत में गेहूं की कटाई कर रहे थे। वहीं पायल और श्यामसुंदर के परिजन मजदूरी करने गए हुए थे। हादसे की सूचना मिलते ही वे भी मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।
सूचना मिलने पर तहसीलदार गजानंद मीणा, थाना प्रभारी रविंद्र चौधरी और पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।