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ट्रैक्टर की किस्त चुकाने के लिए अपनों का कत्ल: मां-बेटी पर कुल्हाड़ी और छुरी से मौत के घाट उतारा, फिर ऐसे खुला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: उदयपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jun 2026 10:21 PM IST
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सार
प्रतापगढ़ में 15 दिन पहले हुई मां-बेटी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। ट्रैक्टर की फाइनेंस किश्त चुकाने के लिए चचेरे देवर और उसकी पत्नी ने सो रही मां-बेटी पर कुल्हाड़ी और छुरी से हमला कर हत्या की, फिर जेवर और नकदी लूटकर फरार हो गए। दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं।
दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
प्रतापगढ़ जिले में 15 दिन पहले हुई मां-बेटी की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। देवगढ़ थाना क्षेत्र के भोपा खेड़ा पाल गांव में झोपड़ी के बाहर सो रही मां-बेटी पर धारदार हथियारों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में मामला लूट का लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहन पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। वारदात को मृतका के चचेरे देवर और उसकी पत्नी ने अंजाम दिया था।
जंगल में बनी झोपड़ी में हुआ था हमला
29 मई की रात मानकी मीणा और उसकी बेटी कला मीणा झोपड़ी के बाहर एक ही खाट पर सो रही थीं। देर रात अज्ञात हमलावरों ने उन पर कुल्हाड़ी और छुरी से हमला कर दिया। बेटी कला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मानकी को पहले प्रतापगढ़ और बाद में उदयपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
न नेटवर्क, न CCTV... पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
घटनास्थल जंगल क्षेत्र में था, जहां न मोबाइल नेटवर्क था और न ही आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा। डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद लेने के बावजूद पुलिस को शुरुआती तौर पर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम जांच में जुटाई गई।
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तीन महीने पुराने विवाद ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतका के पति केसिया मीणा का तीन महीने पहले उसके चचेरे भाई बाबूलाल मीणा से विवाद हुआ था। पुलिस ने बाबूलाल और उसकी पत्नी गेंदाबाई की आर्थिक स्थिति की पड़ताल की तो कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर दोनों टूट गए और हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।
ट्रैक्टर की किस्त भरने के लिए बनाई थी योजना
पुलिस के अनुसार बाबूलाल ने कुछ महीने पहले 50 हजार रुपये देकर एक सेकेंड हैंड ट्रैक्टर खरीदा था। फाइनेंस की किश्त और अन्य खर्चों के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। रिश्तेदारों से मदद नहीं मिली तो उसने पत्नी के साथ मिलकर मानकी के जेवर लूटने की योजना बनाई। दोनों को पता था कि मानकी के पास सोने-चांदी के आभूषण हैं और उसका पति मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ है।
ये भी पढ़ें- मंत्री मदन दिलावर का बड़ा एक्शन: बूंदी में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर गाज, 11 VDO निलंबित; तीन की सेवाएं समाप्त
पहले हमला, फिर लूट
29 मई की रात दोनों आरोपी हथियार लेकर मानकी के घर पहुंचे। उन्होंने सो रही मां-बेटी पर कुल्हाड़ी और छुरी से हमला किया और उन्हें मृत समझकर झोपड़ी में रखे नकदी और जेवरात लूट लिए। बाद में जेवर एक सुनार को बेच दिए और मिले पैसों से ट्रैक्टर की फाइनेंस किस्त जमा करा दी।
अब हथियार और लूट का सामान बरामद करने की कोशिश
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियारों और लूटे गए सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।
जंगल में बनी झोपड़ी में हुआ था हमला
29 मई की रात मानकी मीणा और उसकी बेटी कला मीणा झोपड़ी के बाहर एक ही खाट पर सो रही थीं। देर रात अज्ञात हमलावरों ने उन पर कुल्हाड़ी और छुरी से हमला कर दिया। बेटी कला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मानकी को पहले प्रतापगढ़ और बाद में उदयपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
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न नेटवर्क, न CCTV... पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
घटनास्थल जंगल क्षेत्र में था, जहां न मोबाइल नेटवर्क था और न ही आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा। डॉग स्क्वॉड और एफएसएल टीम की मदद लेने के बावजूद पुलिस को शुरुआती तौर पर कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम जांच में जुटाई गई।
तीन महीने पुराने विवाद ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मृतका के पति केसिया मीणा का तीन महीने पहले उसके चचेरे भाई बाबूलाल मीणा से विवाद हुआ था। पुलिस ने बाबूलाल और उसकी पत्नी गेंदाबाई की आर्थिक स्थिति की पड़ताल की तो कई संदिग्ध तथ्य सामने आए। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर दोनों टूट गए और हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।
ट्रैक्टर की किस्त भरने के लिए बनाई थी योजना
पुलिस के अनुसार बाबूलाल ने कुछ महीने पहले 50 हजार रुपये देकर एक सेकेंड हैंड ट्रैक्टर खरीदा था। फाइनेंस की किश्त और अन्य खर्चों के लिए उसे पैसों की जरूरत थी। रिश्तेदारों से मदद नहीं मिली तो उसने पत्नी के साथ मिलकर मानकी के जेवर लूटने की योजना बनाई। दोनों को पता था कि मानकी के पास सोने-चांदी के आभूषण हैं और उसका पति मजदूरी के लिए बाहर गया हुआ है।
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पहले हमला, फिर लूट
29 मई की रात दोनों आरोपी हथियार लेकर मानकी के घर पहुंचे। उन्होंने सो रही मां-बेटी पर कुल्हाड़ी और छुरी से हमला किया और उन्हें मृत समझकर झोपड़ी में रखे नकदी और जेवरात लूट लिए। बाद में जेवर एक सुनार को बेच दिए और मिले पैसों से ट्रैक्टर की फाइनेंस किस्त जमा करा दी।
अब हथियार और लूट का सामान बरामद करने की कोशिश
पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियारों और लूटे गए सामान की बरामदगी के प्रयास कर रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।