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Hanumangarh: साइबर ठगी का अड्डा ध्वस्त, फर्जी खातों के जरिये उड़ाते थे लाखों, दो हिरासत में, मास्टरमाइंड फरार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हनुमानगढ़
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 03 Jul 2025 03:45 PM IST
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सार
शहर में साइबर ठगी के एक बड़े जाल का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड अभी फरार है। 24X7 काम कर रहे इस ठगी सेंटर पर रोजाना फर्जी खातों के जरिये करीब 5 से 10 लाख रुपये की ठगी की जाती थी।
हनुमानगढ़ में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हनुमानगढ़ में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के निर्देशन में हनुमानगढ़ जंक्शन थाना पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। इस गिरोह का मास्टरमाइंड आसिफ अली फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
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सूचना के आधार पर पुलिस ने मकान पर छापा मारा, जहां से शिवचरण (42), निवासी वार्ड संख्या 44, सुरेशिया, और शुभम (20), निवासी भट्टा कॉलोनी, वार्ड संख्या 15 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी बिना सत्यापन के फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाते खोलते थे और उन्हें साइबर ठगों को सौंपते थे। पुलिस ने मौके से 20 मोबाइल फोन, 30 सिम कार्ड, 4 एलईडी स्क्रीन, 2 डेस्कटॉप सीपीयू, एयरटेल वाई-फाई राउटर और कई बैंकों की पासबुक, चेकबुक व डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। मोबाइल फोन के पीछे चिपकाए गए कागजों पर फर्जी खाताधारकों के नाम, मोबाइल नंबर और बैंक विवरण लिखे हुए थे।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि यह साइबर ठगी सेंटर 24 घंटे सक्रिय रहता था और अलग-अलग शिफ्ट में 3-4 लड़के यहां काम करते थे। सभी सदस्य केवल व्हाट्सएप के माध्यम से चैट कर आपस में संपर्क में रहते थे और कंप्यूटर स्क्रीन पर मिले निर्देशों के अनुसार कार्य करते थे। यह पूरा ऑपरेशन एक फर्जी कंपनी की आड़ में संचालित हो रहा था। गिरफ्तार आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों और डेटा से यह पता चला है कि इन फर्जी खातों के माध्यम से हर दिन 5 से 10 लाख रुपये की ठगी की जाती थी। ये खाते देश के विभिन्न राज्यों जैसे बेंगलुरु, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और कर्नाटक से जुड़े हुए थे। इन खातों में ट्रांसफर की गई रकम का उपयोग हवाला कारोबार, अवैध ऑनलाइन गेमिंग और यूएसटीडी फ्रॉड जैसी आपराधिक गतिविधियों में होता था।
पुलिस को संदेह है कि इन फर्जी खातों को खुलवाने और संचालित करने में कुछ बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है। इस दिशा में भी जांच जारी है और संबंधित बैंकों से रिकॉर्ड मंगवाए जा रहे हैं। पूरे गिरोह का संचालन कर रहा मास्टरमाइंड आसिफ अली निवासी भट्टा कॉलोनी फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी हैं। आरोपियों के खिलाफ थाना हनुमानगढ़ जंक्शन में एफआईआर संख्या 478/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 111(2)(बी), 111(3), 318(2), 61 (2)(ए) और आईटी एक्ट की धाराएं 66(C) व 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक लक्ष्मण सिंह कर रहे हैं।
इस कार्रवाई में एसआई सुरेन्द्र कुमार, हैड कांस्टेबल राकेश कुमार, कांस्टेबल सुरेश कुमार, संदीप कुमार, हेमेन्द्र सिंह और जिला साइबर सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है और इसके तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल मामले में अनुसंधान जारी है और जल्द ही और खुलासे होने की संभावना है।