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Rajasthan: कांग्रेस नेता जूली के मंदिर जाने के बाद 'शुद्धिकरण' करने का मामला, ज्ञानदेव आहूजा BJP से निलंबित

Tue, 08 Apr 2025 04:36 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 08 Apr 2025 04:36 PM IST
सार

Rajasthan: मंदिर शुद्धिकरण मामले में भाजपा ने ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी के प्रदेश महामंत्री दमोदर अग्रवाल ने मंगलवार को आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा।

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BJP expelled Gyandev Ahuja from the party in the temple purification case
ज्ञानदेव आहूजा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांग्रेस नेता टिकाराम जूली के एक मंदिर में जाने के बाद वहां गंगाजल से ‘शुद्धिकरण’ करने पर बीजेपी ने अपने पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। यह मंदिर अलवर जिले में है। इस घटना के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से माफी की मांग की थी। जिसके बाद पार्टी आलाकमान ने आहूजा के खिलाफ एक्शन लिया है।
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क्या है मामला
दरअसल, कांग्रेस नेता टीकाराम जूली एक दलित नेता हैं और उन्होंने राम मंदिर में एक पूजा समारोह में हिस्सा लिया था। उनके वहां जाने के बाद भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा ने गंगाजल छिड़ककर 'शुद्धिकरण' किया। इस घटना के बाद से कांग्रेस ने आहूजा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बीजेपी के प्रदेश महामंत्री दमोदर अग्रवाल ने मंगलवार को आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया और तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा।
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पढ़ें: कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने फूंका भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा का पुतला, शव यात्रा निकाल कर की नारेबाजी
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नोटिस में कहा गया कि 'आपके इस बयान और कृत्य से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है, जोकि घोर अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसलिए आपको पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।' नोटिस में यह भी कहा गया है कि अगर आहूजा इस पर कोई सफाई देना चाहें, तो तीन दिन के अंदर भेज सकते हैं। इसके बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया और कई जगहों पर आहूजा का पुतला फूंका गया।



गहलोत ने भी दी प्रतिक्रिया
बता दें कि इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद बीजेपी नेता आहूजा द्वारा गंगाजल छिड़कना 21वीं सदी में दलितों के प्रति बीजेपी की संकीर्ण सोच और नफरत को दिखाता है। यह व्यवहार किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।


क्या बोले आहूजा
वहीं आहूजा ने खुद को बचाते हुए कहा कि उनके इस कृत्य का जाति से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं को ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है क्योंकि कांग्रेस ने पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे और अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार किया था।
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