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Rajasthan: लेबर लॉ संशोधन विधेयक और OPS की मांग को लेकर हड़ताल करेंगे कर्मचारी, जयपुर में भी दिखेगा असर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Sat, 31 Jan 2026 08:02 PM IST
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सार

Rajasthan: 12 फरवरी को देशभर में 50 लाख से अधिक कर्मचारी सामूहिक हड़ताल पर रहेंगे। हड़ताल में लेबर लॉ संशोधन विधेयक की वापसी, ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) लागू करने और निजीकरण के विरोध की मांगें प्रमुख रहेंगी। इसी बीच जयपुर में जीआईईए उत्तर क्षेत्र का 25वां महाधिवेशन शुरू हुआ।
 

Employees will go on strike demanding Labor Law Amendment Bill and OPS impact will be visible in Jaipur
हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देशभर के श्रमिक संगठनों ने 12 फरवरी को एक बड़े सामूहिक हड़ताल कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसमें 50 लाख से अधिक कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हड़ताल का मुख्य उद्देश्य लेबर लॉ संशोधन विधेयक को वापस लेना, ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) को पुनः लागू करना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार पर दबाव बनाना है। श्रमिक संगठनों का कहना है कि मौजूदा श्रम कानूनों में किए गए संशोधन से कर्मचारियों के अधिकार कमजोर हुए हैं और सामाजिक सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ा है।

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जीआईईए का 25वां महाधिवेशन शुरू
इसी क्रम में, जनरल इंश्योरेंस एम्पलाइज एसोसिएशन (जीआईईए) उत्तर क्षेत्र का 25वां महाधिवेशन शनिवार को जयपुर के एक निजी होटल में प्रारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में ओरिएंटल इंश्योरेंस के डीजीएम संजय जैन, यूनाइटेड इंश्योरेंस के डीजीएम आलोक कुमार जैन, ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस के महासचिव कुणाल रावत और एलआईसी फेडरेशन राजस्थान के अध्यक्ष जी.एस. राजावत उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद आयोजित ओपन सेशन में सार्वजनिक क्षेत्र की सभी सामान्य बीमा कंपनियों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और संगठन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
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महाधिवेशन में निजीकरण का विरोध 
जीआईईए के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक चंद्र ने अपने संबोधन में मांग की कि सार्वजनिक क्षेत्र की सभी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों का विलय कर सरकार के स्वामित्व वाली एक ही सामान्य बीमा कंपनी बनाई जाए। उन्होंने कहा कि इससे परिचालन लागत में कमी आएगी, उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलेगी और कर्मचारियों के हित सुरक्षित रहेंगे। ऑफिसर विंग के प्रेसिडेंट दर्शन वाधवा ने सामान्य बीमा क्षेत्र में एफडीआई और निजीकरण का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 100 प्रतिशत थी, जो अब घटकर लगभग 33 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों ने बीमा सेवा को पूरी तरह व्यवसायीकरण की ओर मोड़ दिया है।

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OPS लागू करने की मांग
पेंशनर्स विंग के चेयरमैन अब्दुल नईम ने सभी कर्मचारियों के लिए 1995 की पेंशन योजना के अनुरूप पेंशन अपडेट करने की मांग उठाई। वहीं, जीआईईए के सचिव संजय बग्गा ने सामान्य बीमा कंपनियों में रिक्त पड़े लगभग 40 हजार पदों पर शीघ्र भर्ती की आवश्यकता पर जोर दिया। महाधिवेशन के दूसरे दिन, रविवार को जीआईईए उत्तर क्षेत्र की नई कार्यकारिणी के चुनाव संपन्न होंगे।

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