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Rajasthan: ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, गारमेंट और स्टोन इंडस्ट्री में लौटी रौनक, अमेरिका के फैसले से व्यापारी गदगद

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Tue, 03 Feb 2026 03:37 PM IST
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सार

Rajasthan: भारत और अमेरिका के बीच नई ट्रेड डील के तहत अमेरिकी ने टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। अमेरिका के इस फैसले पर राजस्थान के उद्योग प्रतिनिधियों ने खुशी जताई है और कहा कि टैरिफ बढ़ने से निर्यात में आई भारी गिरावट अब धीरे-धीरे खत्म होगी और अमेरिकी बाजार से मांग दोबारा बढ़ने लगी है।  
 

Jewellery handicraft garment and stone industries back in full swing with traders elated by America decision
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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भारत और अमेरिका के बीच नई ट्रेड डील के तहत अमेरिका द्वारा टैरिफ दरों को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने के बाद राजस्थान के निर्यात आधारित उद्योगों में सकारात्मक माहौल बनता नजर आ रहा है। इस फैसले से ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, गारमेंट और स्टोन इंडस्ट्री को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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50 प्रतिशत तक गिर गया था व्यापार
उद्योग जगत के प्रतिनिधियों का कहना है कि टैरिफ बढ़ने के कारण राज्य का निर्यात करीब 50 प्रतिशत तक गिर गया था, लेकिन अब टैरिफ में कटौती से निर्यात गतिविधियां धीरे-धीरे फिर से रफ्तार पकड़ेंगी।
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'दोनों देश को मिलेगा फायदा'
फोर्टी (FOTI) के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते के दोबारा सक्रिय होने से राजस्थान की निर्यात इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिली है। उन्होंने बताया कि टैरिफ बढ़ने से राज्य के निर्यात पर गहरा असर पड़ा था, लेकिन अब टैरिफ घटने से बाजार का सेंटीमेंट सुधरेगा और दोनों देशों को इसका लाभ मिलेगा।

'बंद होने की कगार पर पहुंच गया था ज्वैलरी सेक्टर'
जेम्स एंड ज्वैलरी सेक्टर से जुड़े अशोक महेश्वरी ने कहा कि राजस्थान रंगीन पत्थरों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। टैरिफ बढ़ने के बाद यह कारोबार लगभग बंद होने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन अब टैरिफ घटने से उद्योग में फिर से नई चमक दिखाई दे रही है। इससे राजस्थानी डिजाइन की ज्वैलरी और रंगीन पत्थरों की अंतरराष्ट्रीय मांग पूरी हो सकेगी।

उद्योग के दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद 
स्टोन इंडस्ट्री से जुड़े राकेश गुप्ता ने बताया कि अमेरिका एक बड़ा खरीदार है, जो एक साथ पूरी फैक्ट्री का उत्पादन खरीदने की क्षमता रखता है। टैरिफ बढ़ने से राजस्थान के 70 प्रतिशत से अधिक उद्योग प्रभावित हुए थे और कई फैक्ट्रियां बंद होने की स्थिति में पहुंच गई थीं। अब टैरिफ घटने की खबर के बाद अमेरिकी खरीदारों के फोन आने शुरू हो गए हैं, जिससे उद्योग के दोबारा पटरी पर लौटने की उम्मीद बढ़ी है।

निर्यात में तेजी आने की उम्मीद
गारमेंट इंडस्ट्री से जुड़े पवन लश्करी ने बताया कि जयपुर में गारमेंट उद्योग से तीन लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। टैरिफ बढ़ने से यह व्यापार 50 प्रतिशत से अधिक घट गया था, लेकिन अब टैरिफ कम होने से निर्यात में तेजी आने और उद्योग के पुराने मुकाम पर पहुंचने की उम्मीद है।

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फिर रफ्तार पकड़ेगा राज्य का व्यापार
यूथ फोर्टी विंग के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि टैरिफ घटने से राजस्थान के हर व्यवसायी को फायदा होगा और राज्य का व्यापार एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा। वहीं, हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े रजत माथुर ने बताया कि अमेरिका राजस्थान के हैंडीक्राफ्ट उत्पादों के लिए एक बड़ा बाजार है। जयपुर और जोधपुर इस सेक्टर के प्रमुख केंद्र हैं और अमेरिका का इसमें लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा है। टैरिफ घटने से दोनों शहरों के व्यापार पर इसका सकारात्मक असर साफ दिखाई देगा।

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