Rajasthan Weather: राजस्थान में फिर एक्टिव हुआ मानसून, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; कानोता बांध छलका
राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। जयपुर में बारिश के बाद कानोता बांध छलक उठा और बांध पर चादर चलने लगी। मौसम विभाग ने 10 और 11 अगस्त को दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में भारी से अतिभारी बारिश की संभावना जताते हुए 7 जिलों में ऑरेंज और 24 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है।
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राजस्थान में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जयपुर में रविवार को हुई बारिश के बाद कानोता बांध लबालब भर गया और बांध पर चादर चलने लगी। मौसम विभाग ने सोमवार से प्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 24 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश का दौर 13 अगस्त तक जारी रह सकता है। इसके बाद 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
जयपुर में बारिश से कानोता बांध छलका
रविवार को जयपुर और आसपास के इलाकों में हुई बारिश के बाद कानोता बांध में पानी की आवक बढ़ गई। बांध लबालब भरने के बाद उस पर चादर चलने लगी। बारिश के कारण जयपुर शहर और आसपास के कई इलाकों में सड़कों पर पानी बहता नजर आया।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहा। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। बारां के शाहबाद में करीब 2 इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी नदी की तरह बहता दिखाई दिया।
शाहबाद में 48 MM बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। बारां के शाहबाद में 48 MM, हनुमानगढ़ के भादरा में 31 MM, बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में 37 MM, जोधपुर के भोपालगढ़ में 30 MM और सिरोही के माउंट आबू में 25 MM बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ में 24 MM और हिंदूमलकोट में 17 MM बारिश हुई। अजमेर, दौसा, टोंक और उदयपुर समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी से मौसम सुहावना बना रहा।
बाड़मेर में सबसे ज्यादा 39.9 डिग्री तापमान
बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। नागौर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा और प्रतापगढ़ में तापमान करीब 2 डिग्री तक गिरा। हालांकि झुंझुनूं, अलवर और चूरू समेत कुछ इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को प्रदेश के किसी भी शहर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर नहीं गया। बाड़मेर में सबसे अधिक 39.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। जैसलमेर में 38.3, चूरू में 35, जालोर में 34.7, दौसा में 35, झुंझुनूं में 33.8, जोधपुर में 33.7, बीकानेर में 34, श्रीगंगानगर और अलवर में 33.5, पिलानी में 33.7 तथा चित्तौड़गढ़ में 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
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लो-प्रेशर सिस्टम और साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बढ़ी बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर सिस्टम) बना हुआ है। यह धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही मानसून ट्रफ लाइन भी उत्तर से खिसककर अपनी सामान्य स्थिति में आ गई है। वर्तमान में मानसून ट्रफ बीकानेर, ग्वालियर, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के लो-प्रेशर सिस्टम से होते हुए पुरी और फिर बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
वहीं, उत्तर-पूर्वी राजस्थान और आसपास के इलाकों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन मौसमी सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में 10 और 11 अगस्त को कई स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर भारी से अतिभारी बारिश भी हो सकती है।
13 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार इन मौसमी परिस्थितियों के कारण राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। 10 और 11 अगस्त को कई स्थानों पर तेज बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश में बारिश का दौर 13 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद 14 अगस्त से पश्चिमी राजस्थान और 15 अगस्त से पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है।