सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Politics: Gehlot’s Statement Revives Pilot Row, Sparks Fresh Political Buzz as BJP Targets Congress

Rajasthan Politics: गहलोत के बयान से फिर गरमाई सियासत, पायलट के साथ विवाद सुर्खियों में; भाजपा ने भी घेरा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Mon, 08 Jun 2026 12:36 PM IST
विज्ञापन
सार

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर सुर्खियों में है। गहलोत के ताजा बयान के बाद जहां कांग्रेस में सियासी अटकलें तेज हो गई हैं, वहीं भाजपा इसे लेकर लगातार हमलावर नजर आ रही है।

Rajasthan Politics: Gehlot’s Statement Revives Pilot Row, Sparks Fresh Political Buzz as BJP Targets Congress
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हालिया बयान ने नई सियासी चर्चा को जन्म दे दिया है। एक ओर कांग्रेस के भीतर इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने भी गहलोत के बयान को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। गहलोत और सचिन पायलट के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है।



भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अशोक गहलोत को इस बात का आभास हो गया है कि सचिन पायलट को भविष्य में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। यही कारण है कि वे लगातार बयान दे रहे हैं। राठौड़ ने इसे गहलोत की राजनीतिक हताशा करार दिया। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अशोक गहलोत उन्हें निशाना बनाकर अपनी राजनीतिक खीझ निकालने का प्रयास कर रहे हैं। शेखावत का कहना है कि गहलोत समझ चुके हैं कि पार्टी में उनका प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: गहलोत ने फिर निकाला पुराना ‘जिन्न’, पायलट को रोकने की कोशिश कर रहे हैं; गजेंद्र सिंह शेखावत ने साधा निशाना
विज्ञापन
Trending Videos


दरअसल हाल ही में अशोक गहलोत ने 25 सितंबर 2022 के राजनीतिक घटनाक्रम और कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर खुलकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का अवसर मिलता तो वे उसे स्वीकार करते। गहलोत ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ यह धारणा बनाई गई कि वे मुख्यमंत्री पद नहीं छोड़ना चाहते थे, जबकि वास्तविक स्थिति अलग थी।

गहलोत ने 25 सितंबर के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय पर्यवेक्षकों के अचानक पहुंचने और मीडिया में सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चाओं के कारण विधायकों में असमंजस की स्थिति बन गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि कई विधायक किसी भी अन्य नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पक्ष में थे लेकिन सचिन पायलट के नाम पर सहमत नहीं थे। गहलोत ने दोहराया कि पायलट को अतीत की घटनाओं को लेकर आत्ममंथन करना चाहिए।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गहलोत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पूर्वी राजस्थान में पांचना बांध के पानी को लेकर विवाद और सामाजिक समीकरणों पर चर्चा तेज है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में विभिन्न समुदायों और राजनीतिक नेताओं की सक्रियता बढ़ी हुई है। ऐसे में गहलोत-पायलट विवाद पर दिए गए बयान को प्रदेश की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सा मने नहीं आई है लेकिन गहलोत के बयान ने राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर नेतृत्व, संगठन और भविष्य की संभावनाओं को लेकर बहस छेड़ दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed