Rajasthan REET fraud: फर्जीवाड़ा करके बने सरकारी टीचर, SOG ने 123 पर FIR दर्ज की, नियुक्ति रद्द करने के आदेश
एसआई भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के बाद अब भर्ती परीक्षा में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। फर्जी डॉक्यूमेंट से 123 लोग सरकारी टीचर बन गए। एसओजी ने इन शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है।
विस्तार
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आते जा रहे हैं। REET परीक्षा में बड़ी संख्या में फर्जी प्रमाण पत्रों के साथ परीक्षा देने और सरकारी नौकरी हासिल करने की जानकारी सामने आई है, जिसके चलते फर्जी डॉक्यूमेंट से 123 लोग सरकारी टीचर बन गए। अब स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इन शिक्षकों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इन 123 अभ्यर्थियों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इनसे अब तक मिली वेतन राशि की रिकवरी का भी आदेश हुआ है। विभाग का कहना है कि रिकवरी की प्रक्रिया तेज की जाएगी ताकि सरकारी खजाने को हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
एसओजी की जांच में डमी कैंडिडेट बैठाने के साथ-साथ फोटो, हस्ताक्षर और REET प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी पाई गई है। राज्य सरकार ने पिछले साल सभी विभागों को निर्देश दिया था कि वे साल 2019 से 2024 के बीच नियुक्त हुए कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता, आवेदन पत्र, फोटो और हस्ताक्षरों का मिलान करते हुए वेरिफिकेशन करें। इसके बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने संभाग स्तर पर 4 सदस्यीय जांच समितियां गठित कीं। इन समितियों ने बीकानेर, चूरू, जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर और पाली संभाग से प्राप्त जांच रिपोर्टों के आधार पर इन शिक्षकों की भर्ती में गंभीर अनियमितताएं पाईं।
जांच में शैक्षणिक दस्तावेज और REET प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। इनमें सिग्नेचर और REET सर्टिफिकेट में भी गड़बड़ी पाई गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार कई कैंडिडेट ने अध्यापक परीक्षा (लेवल 1 और 2) 2018 और 2022 में फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किए। कुछ मामलों में डमी कैंडिडेट को परीक्षा में बैठाया गया।
ये भी पढ़ें: Rajasthan REET fraud: 123 शिक्षकों पर FIR दर्ज, डमी कैंडिडेट बैठाने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप
जांच में फोटो, हस्ताक्षर और REET सर्टिफिकेट में विसंगतियां सामने आईं। उदाहरण के तौर पर टीचर देशराज (पाली), हिमांशु मित्तल (जालौर) व जितेंद्र सिंह (जालौर) के फोटो और हस्ताक्षर आवेदन पत्रों से मेल नहीं खाए, वहीं कुछ मामलों में डिग्री और रीट प्रमाण पत्र पूरी तरह संदिग्ध पाए गए।
यह भी खुलासा हुआ है कि सबसे ज्यादा संदिग्ध शिक्षक जालौर जिले से सामने आए हैं। इनमें लोकेश कुमार साउ (दुधा की बेरी), रेखा मीणा (जीतपुरा), रुचिका शर्मा (पावली), प्रकाश भादू (कोलियां की बेरी) सहित अन्य लोग शामिल हैं। इनमें से कुछ 2016 और 2021 की भर्तियों में चयनित हुए थे और वर्तमान में विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं। एसओजी ने 123 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में इस प्रकार के और भी नाम सामने आने की संभावना है।