Rajasthan: मंदिर शुद्धिकरण विवाद पर बोले डोटासरा- 13 दिन बाद भी आहूजा पर कार्रवाई नहीं, चुप क्यों हैं सीएम?
Rajasthan News: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को पीसीसी में मंदिर शुद्धिकरण को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि 13 दिन बाद भी बीजेपी नेता ज्ञान देव आहूजा पर कार्रवाई नहीं हुई, सीएम इस मामले में चुप क्यों हैं?
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अंबेडकर जयंती और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत मथुरादास माथुर की पुण्यतिथि के अवसर पर सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय संगोष्ठी आयोजित हुई। इसमें पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस विधायक, प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी और कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता शामिल हुए।
इस दौरान गोविंद डोटासरा ने कहा कि आज केंद्र की सत्ता में बैठे हुए लोग संविधान पर प्रहार कर रहे हैं, इसको अनेक उदाहरणों से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान में जो बोलने की आजादी है, उसे छीना जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष नेता राहुल गांधी जब भी जनता से जुड़े हुए मुद्दे लोकसभा में उठाना चाहते हैं तो उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है, यह संविधान के प्रावधानों का और लोकतांत्रिक परंपराओं का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि लोकसभा एवं राज्यसभा स्पीकर के पद संविधान के तहत ही प्राप्त हुए हैं। संविधान व कानून एवं नियमों के तहत ही सदन को चलाने की जिम्मेदारी होती है, किंतु सत्ता में आज ऐसे लोग काबिज हो गए जो लोकतांत्रिक परंपराओं के साथ संवैधानिक प्रावधानों का भी निर्वहन नहीं कर रहे हैं।
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डोटासरा ने कहा कि भाजपा के नेता पूछते हैं कि कब संविधान का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि देश में संविधान एवं कानून में प्रावधान है कि हर पांच वर्ष में पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव संपन्न होने चाहिए, इसकी पालना भाजपा सरकार क्यों नहीं कर रही है? उन्होंने कहा कि संविधान में सभी को समानता का अधिकार है, लेकिन विपक्षी दल का नेता मंदिर में जाए और भाजपा नेता द्वारा उस मंदिर को गंगाजल से इसलिए धोया जाए कि वह नेता दलित वर्ग से है, तो क्या इसकी इजाजत संविधान देता है। अगर नहीं देता है तो प्रदेश के मुख्यमंत्री चुप क्यों बैठे हैं और जब ऐसा कृत्य करने वाला भाजपा का नेता सार्वजनिक रूप से कह रहा है कि कुछ गलत नहीं किया, माफी नहीं मांगूंगा तो 13 दिन बीतने के बाद भी आज तक उस पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि देश में भाजपा कितना भी प्रयास कर ले किंतु संविधान समाप्त नहीं कर सकती, क्योंकि देशभर में कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ताओं के खून में देश के संविधान के सम्मान व उसकी रक्षा का जज्बा मौजूद है। उन्होंने कहा कि आरएसएस पर सर्वप्रथम कार्रवाई भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार पटेल ने की थी। उन्होंने कहा कि भाजपा धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति तो कर सकती है किंतु लोकतंत्र और संविधान कभी समाप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर जब पाकिस्तान बना तो भी देशभक्त जो मुसलमान थे, उन्होंने अपने पूर्वजों की भूमि भारत में रहना स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को देश हित में कार्य करना चाहिए तथा पार्टी की मजबूती के लिए कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए, क्योंकि अगर पार्टी मजबूत बनेगी तो ही हम मजबूत रहेंगे।
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वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने देश के लोकतंत्र की मजबूती के लिए जो योगदान दिया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भाजपा के शासन में देश में क्या हालात हैं, किसी से छिपे हुए नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा की सोच उसी समय उजागर हो गई थी जब देश में पहली बार संविधान लागू हुआ और आरएसएस ने संविधान की प्रतियों को जलाया, क्योंकि संविधान में दलितों, महिलाओं, पिछड़ों सहित सभी को समानता का अधिकार बाबा साहेब ने दिया।