Union Budget 2026: केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में कटौती, राजस्थान को मिलेंगे 90 हजार करोड़
केंद्रीय बजट में राजस्थान की केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 6.026% से घटकर 5.926% हो गई है। हालांकि राज्य को इस बार 90,445 करोड़ रुपये मिलेंगे, जो पिछले वर्ष से करीब 7,000 करोड़ रुपये अधिक हैं। मनरेगा की जगह नई ग्रामीण रोजगार योजना में बजट दिया गया है।
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए यूनियन बजट 2026 में राजस्थान को केंद्रीय करों की हिस्सेदारी में इस बार कटौती देखने को मिली है। पिछले बजट में केंद्रीय करों में राजस्थान की हिस्सेदारी 6.026 प्रतिशत थी, जिसे इस बार घटाकर 5.926 प्रतिशत कर दिया गया है। हालांकि, इसके बावजूद राज्य को मिलने वाली कुल राशि में बढ़ोतरी हुई है।
केंद्रीय करों से राजस्थान को कितना मिलेगा
इस नई हिस्सेदारी के आधार पर राजस्थान को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में 90 हजार 445 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। केंद्रीय बजट में दिए गए स्टेट वाइज डिस्ट्रीब्यूशन के मुताबिक यह जानकारी सामने आई है। पिछले वित्त वर्ष में राजस्थान को केंद्रीय करों की हिस्सेदारी के रूप में 83 हजार 940 करोड़ रुपये मिले थे। इस तरह इस साल राज्य को करीब 7 हजार करोड़ रुपये ज्यादा मिलेंगे।
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किन करों से कितनी हिस्सेदारी
केंद्रीय करों में राजस्थान की कुल हिस्सेदारी 5.926 प्रतिशत तय की गई है। इसमें शामिल हैं-
- कॉरपोरेशन टैक्स से 26,550 करोड़ रुपये
- इनकम टैक्स से 32,187 करोड़ रुपये
- सेंट्रल जीएसटी से 24,736 करोड़ रुपये
- कस्टम्स ड्यूटी से 4,825 करोड़ रुपये
- एक्साइज ड्यूटी से 2,055 करोड़ रुपये
- अन्य करों से 89 करोड़ रुपये
मनरेगा में कटौती, नई योजना को मिला बजट
केंद्रीय बजट में इस बार मनरेगा के कंपोनेंट बजट में भी भारी कटौती की गई है। पिछले बजट में मनरेगा के लिए 88 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। राजस्थान को मनरेगा कंपोनेंट में करीब 800 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से केंद्रीय हिस्सेदारी के रूप में मिलते थे। लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) (VB-G RAM G Scheme) के तहत बजट आवंटित किया है। नए वित्तीय वर्ष के लिए इस योजना में 95 हजार 692 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
