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Balotra News: लूणी नदी के तेज बहाव में समाई बोलेरो, मां और दो बेटियों की मौत, तीन लोग अब भी लापता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: जैसलमेर ब्यूरो
Updated Thu, 28 Aug 2025 12:21 PM IST
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सार
बालोतरा-जसोल मार्ग पर बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। जसोल मंदिर दर्शन के लिए निकले परिवार की बोलेरो लूणी नदी के तेज बहाव में बह गई। हादसे में मां और दो मासूम बेटियों की मौत हो गई, जबकि आठ माह का बच्चा, वृद्ध मां और एक अन्य परिचित अब तक लापता हैं।
लूणी नदी के बहाव में पलटी बोलेरो
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विस्तार
जसोल मंदिर दर्शन के लिए निकले एक परिवार की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। बुधवार दोपहर करीब सवा एक बजे बालोतरा-जसोल मार्ग पर लूणी नदी की रपट पार करते समय श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो तेज बहाव में फंसकर पलट गई। हादसे में शेरगढ़ के नृसिंहपुरा निवासी पेमाराम की पत्नी और दो मासूम बेटियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आठ माह का बेटा, वृद्ध मां और एक अन्य परिचित अब तक लापता हैं।
बोलेरो में आठ लोग सवार थे। चालक देवाराम जैसे-तैसे बाहर निकल पाया। पेमाराम (40) और चालक को ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए बाहर निकाला और अस्पताल भेजा लेकिन गाड़ी के पिछले हिस्से में फंसी मीरा देवी (32) और उनकी बेटियां उर्मिला (7) व पूजा (3) तेज बहाव की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार परिवार पहले तो पानी देखकर हिचकिचा रहा था लेकिन जैसे ही एक कैंपर गाड़ी रपट पार करती दिखी, उन्होंने भी आगे बढ़ने का निर्णय लिया। कुछ ही दूरी पर बोलेरो तेज बहाव में अनियंत्रित होकर पलट गई और किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरी।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने तुरंत शोर मचाया। जसोल थाना पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय तैराक मौके पर पहुंचे। क्रेन और जेसीबी की मदद से डेढ़ घंटे बाद बोलेरो को बाहर निकाला गया, जिसमें से तीन शव बरामद हुए। बाकी लापता सदस्यों की तलाश के लिए शाम तक स्थानीय गोताखोरों ने अभियान चलाया लेकिन सफलता नहीं मिली। देर शाम 7:20 बजे जोधपुर से एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और तलाशी शुरू की, लेकिन भारी बारिश के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा।
ये भी पढ़ें: Balotra News: मरम्मत के दौरान बिजली सप्लाई चालू की, फॉल्ट ठीक कर रहे युवक की करंट से दर्दनाक मौत
सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव और पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लेकर टीमों को दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन पहले ही रपटों पर आवागमन रोकने के निर्देश दे चुका था, लेकिन लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ।
नृसिंहपुरा गांव में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, पूरा गांव शोक में डूब गया। पेमाराम का परिवार जसोल मंदिर बेटे के जन्म की मन्नत पूरी करने गया था। खुशियों भरी यात्रा कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। पत्नी और बेटियों की मौत से बेखबर पेमाराम बेसुध हालत में अस्पताल में है, जबकि ग्रामीण दादी, मासूम पोते और बुजुर्ग की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पाली जिले और आसपास के इलाकों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से लूणी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया है।
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बोलेरो में आठ लोग सवार थे। चालक देवाराम जैसे-तैसे बाहर निकल पाया। पेमाराम (40) और चालक को ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए बाहर निकाला और अस्पताल भेजा लेकिन गाड़ी के पिछले हिस्से में फंसी मीरा देवी (32) और उनकी बेटियां उर्मिला (7) व पूजा (3) तेज बहाव की चपेट में आ गईं और उनकी मौत हो गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार परिवार पहले तो पानी देखकर हिचकिचा रहा था लेकिन जैसे ही एक कैंपर गाड़ी रपट पार करती दिखी, उन्होंने भी आगे बढ़ने का निर्णय लिया। कुछ ही दूरी पर बोलेरो तेज बहाव में अनियंत्रित होकर पलट गई और किनारे बने गहरे गड्ढे में जा गिरी।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने तुरंत शोर मचाया। जसोल थाना पुलिस, सिविल डिफेंस और स्थानीय तैराक मौके पर पहुंचे। क्रेन और जेसीबी की मदद से डेढ़ घंटे बाद बोलेरो को बाहर निकाला गया, जिसमें से तीन शव बरामद हुए। बाकी लापता सदस्यों की तलाश के लिए शाम तक स्थानीय गोताखोरों ने अभियान चलाया लेकिन सफलता नहीं मिली। देर शाम 7:20 बजे जोधपुर से एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और तलाशी शुरू की, लेकिन भारी बारिश के कारण ऑपरेशन रोकना पड़ा।
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सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव और पुलिस अधीक्षक रमेश कुमार मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का जायजा लेकर टीमों को दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने बताया कि प्रशासन पहले ही रपटों पर आवागमन रोकने के निर्देश दे चुका था, लेकिन लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ।
नृसिंहपुरा गांव में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, पूरा गांव शोक में डूब गया। पेमाराम का परिवार जसोल मंदिर बेटे के जन्म की मन्नत पूरी करने गया था। खुशियों भरी यात्रा कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। पत्नी और बेटियों की मौत से बेखबर पेमाराम बेसुध हालत में अस्पताल में है, जबकि ग्रामीण दादी, मासूम पोते और बुजुर्ग की सलामती की दुआ कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पाली जिले और आसपास के इलाकों में पिछले दिनों हुई भारी बारिश से लूणी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया है।

लूणी नदी के बहाव में पलटी बोलेरो