यूपी के रामपुर में दर्दनाक घटना: गैस सिलिंडर की लाइन में लगे दिव्यांग की मौत, अचानक बेहोश होकर गिरा; फिर न उठा
यूपी के रामपुर में गैस सिलिंडर की लाइन में लगे दिव्यांग किसान की मौत हो गई। करीब दो घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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रामपुर की मिलक तहसील क्षेत्र में गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। ग्राम मनौना निवासी 55 वर्षीय दिव्यांग किसान वीरेंद्र कुमार मंगलवार दोपहर सिलिंडर लेने के लिए ग्राम रास डांडिया पहुंचे थे।
करीब दो घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़े। एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिवार में पत्नी शांति देवी, दो पुत्र व एक पुत्री हैं। बेटे भानु ने आरोप लगाया कि दिव्यांगों के लिए न तो बैठने की व्यवस्था थी, न ही प्राथमिकता। तेज धूप में घंटों खड़े रहने के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्षेत्र में गैस आपूर्ति बाधित होने से उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए अलग सुविधा की मांग की है।
बेटी की विदाई से ज्यादा सिलिंडर की चिंता
उधर, अप्रैल महीने में शादियों के लिए कई शुभ लगन मुहूर्त हैं। इस महीने में बड़ी संख्या में शादियां होनी हैं। मगर इन खुशियों के मौकों पर परिवारों में लोगों के माथे पर परेशानी की लकीरें हैं। परिजनों को शादी के लिए सिलिंडर की चिंता सता रही है।
शादी जैसे आयोजन में लोगों को पांच से 10 सिलिंडर की आवश्यकता होती है, लेकिन लोगों को एक-दो ही सिलिंडर मिल पा रहे हैं। लोग आस-पड़ोस और अपने रिश्तेदारों से गैस कनेक्शन की किताब व ऑनलाइन बुकिंग का नंबर लेकर गैस बुक कराने और अपने काम छोड़कर लाइन में लगने को मजबूर हैं।
परिवारों ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन रसोई गैस सिलिंडर की कमी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बारातियों के भोजन की व्यवस्था को लेकर लोग परेशान हैं और दिन-रात सिलिंडर के इंतजाम में जुटे हुए हैं।
शादी समारोह में भोजन बनाने वाले हलवाई भी अब सबसे पहले सिलिंडर की उपलब्धता के बारे में पूछताछ कर रहे हैं। कैटरिंग का ठेका लेने वाले लोग ठेका इस शर्त पर ले रहे हैं कि परिवार वालों को ही सिलिंडर का इंतजाम करना होगा(
ऐसे में परिवारों को खुद ही सिलिंडर की व्यवस्था करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलिंडर की कमी के चलते शादी की तैयारियों पर असर पड़ रहा है।
नौ अप्रैल को मेरी दो बहनों की शादी है, सारे इंतजाम हो गए हैं। बस सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। शादी से पहले सिलिंडर नहीं मिले तो बड़ी समस्या से जूझना पड़ेगा। -कासिम शेख
मेरी बेटी की शादी चार अप्रैल को है। शादी में सिलिंडर का इंतजाम करना बहुत मुश्किल हो रहा है। सिलिंडर को लेकर परेशान हैं। -सईद
मेरी बहन की शादी 15 अप्रैल को है। सबसे पहले मैं सिलिंडर के इंतजाम में लगा हुआ हूं, ताकि बरातियों के लिए भोजन बनाने में कोई बाधा न आए, लेकिन अभी तक सिलिंडर का इंतजाम नहीं हुआ है। -विक्की
मेरी बेटी की शादी 21 अप्रैल को है, लेकिन सिलिंडर की चिंता बहुत है। सारे इंतजाम कर रहे हैं, लेकिन सिलिंडर का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। सिलिंडर के इंतजाम में लगे हुए हैं। -लालाजी कोमल