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किसान महापंचायत: जालौर में राष्ट्रीय संगठन के समर्थन में ग्राम बंद, आंदोलन का नहीं देख रहा असर
Wed, 29 Jan 2025 12:41 PM IST
जालौर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
Published by: जालौर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2025 12:41 PM IST
सार
29 जनवरी से किसानों की ग्राम बंद योजना के तहत आंदोलन का असर देखने को नहीं मिला। जिले भर में हमेशा की तरह गांव में रोजमर्रा की तरह चहल-पहल जारी रही।
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जालौर में राष्ट्रीय संगठन के समर्थन में ग्राम बंद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जालौर में 29 जनवरी से किसानों की ग्राम बंद योजना के तहत आंदोलन का असर देखने को नहीं मिला। जिले भर में हमेशा की तरह गांव में रोजमर्रा की तरह चहल-पहल जारी रही। दरअसल तीन-चार दिन पूर्व राजस्थान किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी ने एक प्रेस वार्ता कर 29 जनवरी से ग्राम बंद योजना के तहत आंदोलन का आह्वान किया गया था। हालांकि इस आंदोलन को लेकर किसी भी प्रकार का असर जालौर जिले में नहीं रहा।
राष्ट्रीय संगठन किसान महापंचायत के समर्थन में किसान संघर्ष समिति ने प्रेस वार्ता करते हुए 29 जनवरी से आंदोलन की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया था, जिसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं और अनाज के समर्थन मूल्य सहित पानी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन की तैयारी करने के लिए बात रखी गई। जिसमें किसान नेता विक्रम सिंह पुनासा ने हवन करते हुए कहा था कि 29 जनवरी से अब गांव के लोग न तो बस न ट्रेन और नहीं शहर या कस्बे में जाएंगे।
किसान अपने खेतों में काम करेंगे, लेकिन गांव से बाहर किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं होगी। जिसमें दूध सब्जी और अनाज की बिक्री पर भी रोक रहेगी। किसानों की ओर से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा। लेकिन 29 जनवरी को इस आंदोलन की कड़ी में जालौर जिले भर में कहीं पर ऐसी स्थिति सामने नहीं आई। हमेशा की तरह हालात सामान्य रहे।
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राष्ट्रीय संगठन किसान महापंचायत के समर्थन में किसान संघर्ष समिति ने प्रेस वार्ता करते हुए 29 जनवरी से आंदोलन की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया था, जिसमें किसानों की विभिन्न समस्याओं और अनाज के समर्थन मूल्य सहित पानी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन की तैयारी करने के लिए बात रखी गई। जिसमें किसान नेता विक्रम सिंह पुनासा ने हवन करते हुए कहा था कि 29 जनवरी से अब गांव के लोग न तो बस न ट्रेन और नहीं शहर या कस्बे में जाएंगे।
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किसान अपने खेतों में काम करेंगे, लेकिन गांव से बाहर किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं होगी। जिसमें दूध सब्जी और अनाज की बिक्री पर भी रोक रहेगी। किसानों की ओर से लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से विरोध किया जाएगा। लेकिन 29 जनवरी को इस आंदोलन की कड़ी में जालौर जिले भर में कहीं पर ऐसी स्थिति सामने नहीं आई। हमेशा की तरह हालात सामान्य रहे।
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