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Jalore News: डमी अभ्यर्थी प्रकरण में व्याख्याता निलंबित, दो महिलाओं की जगह परीक्षा दी, एसओजी कर रही जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौर
Published by: जालौर ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jul 2025 12:11 PM IST
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सार
डमी अभ्यर्थी प्रकरण में शामिल बागोड़ा स्थित सेवरी राउमावि में हिंदी विषय की व्याख्याता को शिक्षा निदेशालय ने निलंबित कर दिया है। जांच में सामने आया है कि उसने सरकारी सेवा में रहते हुए किसी और के लिए डमी अभ्यर्थी बन कर प्राध्यापक भर्ती परीक्षा दी थी।
फाइल फोटो
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विस्तार
जिले के बागोड़ा स्थित सेवरी राउमावि में हिंदी विषय की व्याख्याता उर्मिला कुमारी को शिक्षा निदेशालय ने डमी अभ्यर्थी प्रकरण में संलिप्तता के चलते निलंबित कर दिया है। वह 17 मई 2024 से लगातार अनुपस्थित है और अजमेर सिविल लाइंस थाने में दर्ज परीक्षा धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी है। निलंबन आदेश निदेशक सीताराम जाट द्वारा शुक्रवार को जारी किया गया।
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पुलिस जांच में सामने आया कि उर्मिला ने सरकारी सेवा में रहते हुए 15 अक्टूबर 2022 को कमला विश्नोई की जगह प्राध्यापक भर्ती परीक्षा दी, जिससे कमला को 7वीं रैंक प्राप्त हुई। इसके अलावा 2023 में रीट लेवल-1 परीक्षा प्रियंका विश्नोई की जगह भी उर्मिला ने दी थी। प्रियंका वर्तमान में तृतीय श्रेणी शिक्षिका के रूप में नियुक्त है। कमला के पकड़े जाने के बाद उसने कबूल किया कि उर्मिला ने उसकी ओर से परीक्षा दी थी। इसके बाद से ही उर्मिला और उसका पति पूनमाराम फरार चल रहे हैं।
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कमला विश्नोई ने अपने भाई दलपत सिंह की मदद से मेवाड़ यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री भी प्रस्तुत की थी। इस पूरे प्रकरण की शिकायत आरपीएससी के वरिष्ठ उपसचिव अजय सिंह चौहान द्वारा 20 मार्च 2024 को दर्ज करवाई गई थी। पुलिस ने कमला और एक अन्य महिला ब्रह्मा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उर्मिला अब तक वांछित है। रीट परीक्षा के दौरान उर्मिला ने पारंपरिक पोशाक और अलग पहचान का उपयोग किया, ताकि किसी को शक न हो। अब एसओजी और शिक्षा विभाग मिलकर सीसीटीवी फुटेज और हस्ताक्षर का मिलान कर रहे हैं।
उर्मिला पर पहले से ही नियमित रूप से अनुपस्थित रहने और बिना सूचना गायब रहने के आरोप हैं। वह अवकाश से पहले कार्यग्रहण करती और तुरंत बाद गायब हो जाती थी। उसे कई बार नोटिस भेजे गए लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया। अब विभाग ने उसे 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा है, अन्यथा एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
उर्मिला का पति पूनमाराम, जो सिरोही जिले में व्याख्याता था, पहले से ही एक अन्य प्रकरण में एसओजी द्वारा वांछित मानते हुए निलंबित किया जा चुका है। उर्मिला द्वारा दो महिलाओं की जगह परीक्षा देना, फर्जी डिग्री का इस्तेमाल और सरकारी सेवा में रहते हुए कानून की अनदेखी करना, इस पूरे नेटवर्क की गहराई को उजागर करता है। अब मामला एसओजी और शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय जांच के दायरे में है।