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Jalore: पत्नी के नाम फर्म बनाकर 10.54 करोड़ के टेंडर भरे, 7.12 करोड़ के 9 टेंडर मिले; दुरुपयोग का लगा आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालोर
Published by: जालौर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Jun 2025 03:52 PM IST
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सार
Jalore: मामले की शिकायत सामने आने पर जिला परिषद के सीईओ नंदकिशोर राजोरा ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं बीडीओ पृथ्वी सिंह चारण ने पुष्टि की है कि सीईओ कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे वे शीघ्र देखेंगे।
सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जालोर जिले के भीनमाल पंचायत समिति में कार्यरत एक एलडीसी उदाराम देवासी पर पत्नी के नाम फर्म बनाकर टेंडर लेने का गंभीर आरोप लगा है। उदाराम ने नियमों के विरुद्ध अपनी पत्नी मोहरा देवासी की प्रोपराइटरशिप में एकता कंस्ट्रक्शन नामक फर्म बनाकर पिछले तीन वर्षों में 14 निविदा प्रक्रियाओं में भाग लिया और 10.54 करोड़ के टेंडर भरे, जिनमें से उसे 7.12 करोड़ के 9 टेंडर मिले।
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चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से दो निविदाएं ऐसी थीं, जिन्हें पहले रद्द करवाकर दुबारा टेंडर प्रक्रिया करवाई गई और तब जाकर एलडीसी की फर्म को ठेका मिला। जुलाई 2023 में तवाव ग्राम पंचायत और जुलाई 2024 में तातोल ग्राम पंचायत में ऐसी ही पुनः प्रक्रिया अपनाई गई।
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विभागीय नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी कर्मचारी के नजदीकी रिश्तेदार निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकते। इसके लिए शपथ पत्र भी लिया जाता है। बावजूद इसके उदाराम ने पंचायत समिति क्षेत्र में ही पत्नी के नाम से टेंडर उठाए, जो नियमों की सीधी अवहेलना मानी जा रही है।
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मामले की शिकायत सामने आने पर जिला परिषद के सीईओ नंदकिशोर राजोरा ने जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं बीडीओ पृथ्वी सिंह चारण ने पुष्टि की है कि सीईओ कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है, जिसे वे शीघ्र देखेंगे।
उधर, एलडीसी उदाराम देवासी का कहना है कि नरेगा में ऐसे नियम लागू नहीं हैं और वह खरीद समिति का हिस्सा नहीं था। उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी ने अन्य पंचायत समितियों में भी टेंडर भरे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।