{"_id":"6a74c7930590beccf6085e80","slug":"crores-worth-cyber-business-run-under-the-guise-of-an-e-mitra-accused-of-misusing-peoples-documents-and-biometrics-jhunjhunu-news-c-1-1-noi1552-4585055-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंगूठा लगवाकर खाते खोले, 18 महीने में 40 करोड़ का लेनदेन, मुकुंदगढ़ ई-मित्र सेंटर बना साइबर ठगों का अड्डा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंगूठा लगवाकर खाते खोले, 18 महीने में 40 करोड़ का लेनदेन, मुकुंदगढ़ ई-मित्र सेंटर बना साइबर ठगों का अड्डा
Fri, 07 Aug 2026 08:29 AM IST
झुंझुनू ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनू
Published by: झुंझुनू ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 08:29 AM IST
सार
लोगों के बायोमेट्रिक और दस्तावेजों का दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों तक रकम पहुंचाने वाले नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर करोड़ों रुपये के लेनदेन और बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।
विज्ञापन
घटना की जानकारी देते पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले के मुकुंदगढ़ में पुलिस ने ई-मित्र और कस्टमर सर्विस पॉइंट की आड़ में संचालित साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने लोगों के दस्तावेज और बायोमेट्रिक का कथित तौर पर दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों की मदद करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में आरोपी के 16 बैंक खातों में 40 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क करीब 18 महीने से सक्रिय था।
विज्ञापन
पुलिस ने अंकित कुमार (31) निवासी कसेरू, थाना मुकुंदगढ़ को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से 2.68 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप, एक मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड, 92 बैंक पासबुक, सात चेकबुक, 38 आधार कार्ड और एक माइक्रो एटीएम बरामद किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत, सीओ सुगन सिंह तथा साइबर थाना प्रभारी रामखिलाड़ी मीणा के सुपरविजन में की गई। संयुक्त टीम का नेतृत्व मुकुंदगढ़ थानाधिकारी गोपाल सिंह थालोर और साइबर थाना प्रभारी गोपाललाल जांगिड़ ने किया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: अच्छी खबर: सिरोही जेल में बंदियों को मिलेगा स्वरोजगार का हुनर, सात दिवसीय फास्ट फूड प्रशिक्षण शुरू
विज्ञापन
मामले का खुलासा मुकुंदगढ़ निवासी अक्षय की शिकायत से हुआ। उसने 4 अगस्त 2026 को दर्ज रिपोर्ट में बताया कि 10 अप्रैल 2025 को वह SSO ID बनवाने के लिए अंकित के ई-मित्र केंद्र गया था। आरोप है कि वहां उससे आधार और पैन कार्ड लेने के साथ 15 से 20 बार बायोमेट्रिक अंगूठा लगवाया गया और करीब चार-पांच घंटे तक केंद्र पर बैठाए रखा गया। इस दौरान उसके मोबाइल पर FINO Payment Bank से लगातार संदेश आए। शिकायत के अनुसार आरोपी ने वे संदेश खुद ही डिलीट कर दिए और बाद में सर्वर नहीं चलने की बात कहकर उसे वापस भेज दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि अक्षय की जानकारी के बिना FINO Payment Bank में खाता खोल दिया गया, जिसका कथित तौर पर साइबर ठगी में उपयोग किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी के 16 बैंक खातों में 40 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन मिला है। वहीं बरामद 92 बैंक पासबुकों से जुड़े खातों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में 16 साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने सीएसपी सेंटर के माध्यम से साइबर अपराधियों से ठगी की रकम प्राप्त कर कमीशन के बदले नकद उपलब्ध कराता था। पुलिस अब आरोपी के अन्य सहयोगियों, साइबर गिरोह से उसके संबंधों और करोड़ों रुपये के लेनदेन की पूरी शृंखला की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।