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झुंझुनूं: विमंदित गृह में युवती से दुष्कर्म और बंधुआ मजदूरी का आरोप, संचालक और पत्नी पर केस दर्ज
Mon, 05 Oct 2026 06:01 PM IST
प्रतीक पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झुंझुनूं
Published by: प्रतीक पांडेय
Updated Mon, 05 Oct 2026 06:01 PM IST
सार
झुंझुनूं के आदर्श नगर प्रतापपुरा स्थित मां सेवा संस्थान विमंदित गृह में इलाज के लिए भर्ती 30 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार युवती के साथ दुष्कर्म, मारपीट और बंधुआ मजदूरी कराने का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां की लिखित शिकायत पर बगड़ थाना पुलिस ने संस्थान के संचालक बनवारीलाल सैनी और उसकी पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने पीड़िता की चिकित्सीय जांच करवाने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आदर्श नगर प्रतापपुरा में संचालित मां सेवा संस्थान विमंदित गृह में इलाज के लिए छोड़ी गई 30 वर्षीय मानसिक रूप से बीमार युवती के साथ दुष्कर्म, बेरहमी से मारपीट और बंधुआ मजदूरी कराने की गंभीर वारदात हुई है। पीड़िता की मां की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने संस्थान के संचालक बनवारीलाल सैनी और उसकी पत्नी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने पीड़िता की चिकित्सीय जांच करवाकर मुख्य आरोपियों की तलाश आरंभ कर दी है।
यातना और बंधुआ मजदूरी
पीड़िता की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि परिवार के सदस्यों ने बेटी के बेहतर इलाज और उचित देखभाल की उम्मीद में उसे इस विमंदित गृह में भर्ती करवाया था। गत 28 सितंबर को जब परिजन अपनी बेटी को घर वापस लाए, तब उसने अपने साथ घटी अमानवीय घटना की जानकारी दी। युवती ने आरोप लगाया कि दाखिले वाले दिन ही संचालक बनवारीलाल सैनी ने उसके साथ दुराचार किया। इसके पश्चात आरोपी संचालक और उसकी पत्नी ने मिलकर उसके साथ लगातार मारपीट की और जबरन उसके सिर के बाल कटवा दिए। आरोपी विमंदित गृह में भर्ती मानसिक रूप से बीमार मरीजों से खेतों में बंधुआ मजदूरी करवाते थे। दिनभर कठोर श्रम कराने के बावजूद मरीजों को पर्याप्त भोजन, पानी और चाय तक उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।
फर्जी दस्तावेज और उत्पीड़न
पीड़ित परिवार के अनुसार, विमंदित गृह में रह रही अन्य महिलाओं और पुरुषों के साथ भी संचालक क्रूरतापूर्वक मारपीट करता था। इसके अतिरिक्त, संस्थान की रसोइया गीता पर पीड़िता के वस्त्र जला देने का गंभीर आरोप लगा है। अमानवीय व्यवहार के साथ-साथ आरोपियों ने धोखाधड़ी का षड्यंत्र भी रचा। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि युवती के दाखिले और विदाई के समय आरोपी संचालक ने उनके पुत्र से 100-100 रुपये के दो खाली बॉन्ड और स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित परिवार ने इन हस्ताक्षरित खाली कागजातों के दुरुपयोग या ब्लैकमेलिंग की आशंका व्यक्त की है।
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पुलिस जांच और कार्रवाई
इस संवेदनशील मामले में बगड़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न गंभीर धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। थानाधिकारी सीआई मुकेश कुमार ने बताया कि पुलिस दल ने पीड़िता की चिकित्सीय जांच पूर्ण करवा ली है। पुलिस की विशेष टीम विमंदित गृह में रह रहे अन्य मरीजों की स्थिति तथा वहां की व्यवस्थाओं की गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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यातना और बंधुआ मजदूरी
पीड़िता की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि परिवार के सदस्यों ने बेटी के बेहतर इलाज और उचित देखभाल की उम्मीद में उसे इस विमंदित गृह में भर्ती करवाया था। गत 28 सितंबर को जब परिजन अपनी बेटी को घर वापस लाए, तब उसने अपने साथ घटी अमानवीय घटना की जानकारी दी। युवती ने आरोप लगाया कि दाखिले वाले दिन ही संचालक बनवारीलाल सैनी ने उसके साथ दुराचार किया। इसके पश्चात आरोपी संचालक और उसकी पत्नी ने मिलकर उसके साथ लगातार मारपीट की और जबरन उसके सिर के बाल कटवा दिए। आरोपी विमंदित गृह में भर्ती मानसिक रूप से बीमार मरीजों से खेतों में बंधुआ मजदूरी करवाते थे। दिनभर कठोर श्रम कराने के बावजूद मरीजों को पर्याप्त भोजन, पानी और चाय तक उपलब्ध नहीं कराई जाती थी।
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फर्जी दस्तावेज और उत्पीड़न
पीड़ित परिवार के अनुसार, विमंदित गृह में रह रही अन्य महिलाओं और पुरुषों के साथ भी संचालक क्रूरतापूर्वक मारपीट करता था। इसके अतिरिक्त, संस्थान की रसोइया गीता पर पीड़िता के वस्त्र जला देने का गंभीर आरोप लगा है। अमानवीय व्यवहार के साथ-साथ आरोपियों ने धोखाधड़ी का षड्यंत्र भी रचा। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि युवती के दाखिले और विदाई के समय आरोपी संचालक ने उनके पुत्र से 100-100 रुपये के दो खाली बॉन्ड और स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। पीड़ित परिवार ने इन हस्ताक्षरित खाली कागजातों के दुरुपयोग या ब्लैकमेलिंग की आशंका व्यक्त की है।
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पुलिस जांच और कार्रवाई
इस संवेदनशील मामले में बगड़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न गंभीर धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया है। थानाधिकारी सीआई मुकेश कुमार ने बताया कि पुलिस दल ने पीड़िता की चिकित्सीय जांच पूर्ण करवा ली है। पुलिस की विशेष टीम विमंदित गृह में रह रहे अन्य मरीजों की स्थिति तथा वहां की व्यवस्थाओं की गहनता से पड़ताल कर रही है। पुलिस फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है।