पाली मेयर चुनाव आज: 29 पार्षदों वाली कांग्रेस के सामने बगावत की चुनौती, 15 निर्दलीयों पर नजर
पाली नगर निगम में मेयर पद के लिए आज मतदान होगा। 65 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के 29, भाजपा के 21 और निर्दलीयों के 15 पार्षद हैं। बहुमत का आंकड़ा 33 है। कांग्रेस ने सुमित्रा जैन, भाजपा ने नमिता बुबकिया और निर्दलीय राजबाला हिंगड़ ने मेयर पद के लिए नामांकन किया है।
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पाली नगर निगम में मेयर पद का फैसला आज होगा। 65 वार्ड वाले नगर निगम में सुबह 10 बजे से पार्षद मतदान करेंगे। मतदान के बाद मतगणना होगी और इसी दिन परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है, लेकिन उसके पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। कांग्रेस ने 29 वार्ड जीते हैं, जबकि भाजपा के खाते में 21 और निर्दलीयों के खाते में 15 सीटें आई हैं। बहुमत के लिए 33 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।
सुमित्रा जैन, नमिता बुबकिया और राजबाला हिंगड़ आमने-सामने
मेयर पद के लिए कांग्रेस ने वार्ड 34 की पार्षद सुमित्रा जैन को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा ने वार्ड 33 की पार्षद नमिता बुबकिया को मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस से निर्वाचित पार्षद राजबाला हिंगड़ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रही हैं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेयर पद का मुकाबला इन तीन प्रत्याशियों के बीच रह गया है।
कांग्रेस के सामने अपने ही खेमे की चुनौती
संख्या बल के लिहाज से कांग्रेस 29 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है और बहुमत के आंकड़े से केवल चार सीट दूर है। हालांकि, कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन के सामने पार्टी से जीतीं राजबाला हिंगड़ का निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में होना चुनौती बन गया है।
राजबाला हिंगड़ के चुनाव मैदान में रहने से कांग्रेस के पार्षदों के बीच वोटों का बंटवारा होने की संभावना को लेकर भी नजरें टिकी हैं। कांग्रेस ने हिंगड़ को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया है।
भाजपा को बहुमत के लिए चाहिए 12 अतिरिक्त वोट
भाजपा के पास 21 पार्षद हैं। 33 के बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए उसे 12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में 15 निर्दलीय पार्षदों का रुख मेयर चुनाव के गणित में अहम हो गया है। दोनों प्रमुख दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ निर्दलीय पार्षदों से समर्थन जुटाने की कोशिश में लगे हैं।
मदन राठौड़ के गृह जिले में मेयर चुनाव पर नजर
पाली का यह चुनाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि पाली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का गृह जिला है। निकाय चुनाव में कांग्रेस 29 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि भाजपा को 21 सीटें मिलीं। अब मेयर चुनाव में निगाहें इस बात पर हैं कि निर्दलीय पार्षद किस उम्मीदवार का समर्थन करते हैं और तीनों प्रत्याशियों के बीच वोटों का गणित किस तरह बनता है। मतदान के बाद ही साफ होगा कि 65 सदस्यीय पाली नगर निगम का नया मेयर कौन होगा।