यूपी एटीएस के साथ मुठभेड़ में ढेर टीएसपीसी का मुखिया बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता नाम बदलने में भी माहिर था। वह अनेक नाम के साथ बेहिसाब जुर्म करता गया। हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लेवी वसूली, आपराधिक षड्यंत्र, आर्म्स एक्ट जैसे अपराध करता था।
हर अपराध नाम बदलकर करता था। एटीएस के मुताबिक उसके खिलाफ बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरदार, उर्फ तुषार, उर्फ रंजन, उर्फ फूलचंद, उर्फ दुलारचंद के नाम प्राथमिकी में दर्ज है। वह पुलिसकर्मियों को ज्यादा निशाना बनाता था। पुलिसकर्मियों की हत्या कर देता था।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
15 साल की उम्र की थी पहली हत्या, रंगदारी के 18 तो हत्या और हत्या के प्रयास के 12 मामले दर्ज
एटीएस के मुताबिक, नक्सली बृजेश ने 15 साल की उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके खिलाफ हत्या का पहला मामला 1996 में दर्ज हुआ था। यानी 30 साल से अपराध कर रहा था। उसकी उम्र 45 साल थी। 1996 से 2025 तक बृजेश ने हत्या के छह और हत्या के प्रयास के छह मामले दर्ज हैं। 18 मुकदमे सिर्फ रंगदारी के दर्ज हैं। 2018 से टेरर फंडिंग मामले में एनआईए को भी बृजेश गंझू की तलाश थी।
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बृजेश गंझू की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
झारखंड के सिमरिया, लावालौंग और टंडवा थाना क्षेत्र में था आतंक
एटीएस के मुताबिक, आरोपी का सबसे बड़ा आपराधिक नेटवर्क सिमरिया और टंडवा थाना क्षेत्र में फैला रहा है। झारखंड के सिमरिया थाना में आरोपी पर वर्ष 1996 से लेकर 2018 तक हत्या, अपहरण, रंगदारी, सरकारी काम में बाधा व हमला, आर्म्स एक्ट और यूएपीए जैसी गंभीर धाराओं में 8 प्रमुख मामले दर्ज हैं। टंडवा थाना में आरोपी के खिलाफ 2014 से 2025 तक कुल 17 गंभीर मामले दर्ज हैं।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
इनमें हत्या, जानलेवा हमला, रंगदारी, सीएलए एक्ट और बीएनएस के तहत हालिया मामले शामिल हैं। लावालौंग थाना क्षेत्र में भी आरोपी के खिलाफ वर्ष 2015 से 2018 के बीच अपहरण, रंगदारी, अवैध हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) और यूएपीए के 4 मामले दर्ज हैं। बशिष्ठनगर, राजपुर, हंटरगंज, गिद्धौर, कटकमसांडी, पिपरावर, सदर, पथलगड्डा, मयूरहंड और कुंदा थाना में भी उसके खिलाफ रंगदारी, आर्म्स एक्ट व अन्य संगीन धाराओं में मामले दर्ज हैं।
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रामनगर में मुठभेड़ के बाद मौके पर मौजूद पुलिस व यूपी एटीएस के जवान।
- फोटो : अमर उजाला
पहले भाकपा से जुड़ा था
एटीएस के मुताबिक, बृजेश पहले भाकपा माओवादी से जुड़ा था। बाद में माओवादी संगठन से अलग होकर टीएसपीसी का प्रमुख बन गया। पुलिस के अनुसार वह झारखंड के चतरा, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, लातेहार और पलामू के अलावा बिहार के कुछ सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय रहा।