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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का रहस्य अनसुलझा: जांच के लिए हॉस्पिटल पहुंची SIT टीम, गांव में हुआ समाधि पूजन

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 03 Feb 2026 10:27 PM IST
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सार

Jodhpur: साध्वी प्रेम बाईसा की निधन के एक हफ्ते बाद भी मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। इस बीच मंगलवार को उनके पैतृक गांव में समाधि पूजन संपन्न हुआ। वहीं, जोधपुर में एसआईटी की टीम ने अस्पताल पहुंचकर वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की।

Sadhvi Prem Baisa Mysterious Death Remains Unsolved SIT Team Investigates
साध्वी प्रेम बाईसा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोधपुर में 28 जनवरी को कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है।  मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण मामला अब एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की जांच में है। घटना के बाद से ही साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के रहस्य ने लोगों के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं।

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शाम 5 बजे आश्रम पहुंचा था नर्सिंग ऑफिसर 
मृतक साध्वी को इंजेक्शन लगाने वाले नर्सिंग ऑफिसर देवी सिंह राजपुरोहित ने मीडिया से बातचीत में अपनी भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना वाले दिन दोपहर 12 बजे आश्रम से पहला कॉल आया, लेकिन वे उस समय नहीं जा सके। शाम करीब 5 बजे फिर से कॉल आने पर वे आश्रम पहुंचे। साध्वी की तबीयत सांस लेने में दिक्कत की वजह से खराब बताई गई थी।
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'पर्ची के आधार पर दो इंजेक्शन लगाए'
राजपुरोहित ने कहा, 'मैंने डॉक्टर की लिखी पर्ची के आधार पर ही दो इंजेक्शन लगाए थे। मैंने अपनी मर्जी से कोई इंजेक्शन नहीं दिया। यह वही पर्ची थी जो पहले प्रेक्षा हॉस्पिटल में दी गई थी। मैं पिछले करीब एक साल से सेवा भाव से आश्रम से जुड़ा हूं और पहले भी डॉक्टर की सलाह पर साध्वी को दवाइयां दे चुका हूं।' उन्होंने यह भी बताया कि इंजेक्शन देने के समय साध्वी की हालत ठीक थी, लेकिन लगभग 25 मिनट बाद उन्हें फिर कॉल आया कि साध्वी की तबीयत और बिगड़ गई है और उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। उन्होंने परिजनों को सलाह दी कि डॉक्टर को सभी पर्चियों और दिए गए इंजेक्शनों की जानकारी दें।

हॉस्पिटल पहुंची SIT की टीम
वहीं, SIT की टीम ने मामले की तह तक जाने के लिए मंगलवार को प्रेक्षा  हॉस्पिटल और आश्रम से जुडें 10 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। टीम ने प्रेक्षा हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां साध्वी को सबसे पहले लाया गया था, और अस्पताल स्टाफ से विस्तृत जानकारी जुटाई। एसआईटी की जांच में एसीपी छवि शर्मा की टीम शामिल रही। प्रेक्षा हॉस्पिटल के डॉक्टर प्रवीण कुमार जैन ने कहा कि साध्वी पहले जुकाम, खांसी और गले की समस्याओं के लिए कई बार अस्पताल आई थीं। अंतिम बार उन्हें अस्पताल लाते समय वे पूरी तरह बेहोश थीं और शरीर में कोई हलचल नहीं थी। डॉक्टर ने  SIT की टीम को बताया कि साध्वी की अस्थमा जैसी बीमारी के बारे में कहना मुश्किल है, क्योंकि उन्हें सामान्य श्वसन संबंधी समस्या ही थी।

एसआईटी को रिपोर्ट का इंतजार
एसआईटी अब तक मेडिकल बोर्ड से प्राप्त सभी सैंपल्स को विभिन्न एजेंसियों को भेजकर परीक्षण करवा रही है। एसीपी छवि शर्मा ने बताया कि सभी तकनीकी सबूतों का विश्लेषण किया जा रहा है और मेडिकल बोर्ड द्वारा मौत के कारण के स्पष्ट होने तक अन्य संभावनाओं की भी जांच जारी है।

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सम्पन्न हुआ समाधि पूजन
इसी बीच, साध्वी प्रेम बाईसा की पैतृक गांव बाड़मेर के परेऊ गांव में उनकी समाधि पूजन की रस्म सम्पन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में साधु-संत, महात्मा और अनुयायी मौजूद रहे। बेटी के वियोग में अन्न-जल त्यागे बैठे पिता वीरम नाथ को संतों ने दूध पिलाकर उनका संकल्प तुड़वाया। संतों ने साध्वी को केवल एक व्यक्ति की बेटी नहीं बल्कि सनातन की बेटी बताया और पुलिस एवं प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की। पूरननाथ महाराज ने बताया कि संप्रदाय के अनुसार समाधि पूजन संपन्न हुआ और क्षेत्र के सभी प्रमुख संतों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान साध्वी प्रेम बाईसा के अनुयायियों और समाज ने उनके योगदान को याद किया और न्याय सुनिश्चित करने की अपील की।

 
 

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