Rajasthan: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल का प्रहरी गिरफ्तार, गैंगस्टरों को पहुंचा रहा था सुविधाएं; कैसे हुआ खुलासा?
जयपुर पुलिस ने अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के प्रहरी धारा सिंह चौहान को अवैध वसूली गिरोह की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया। वह जेल में बंद बदमाशों को सुविधाएं और सूचनाएं देता था। आरोपी दो दिन के पुलिस रिमांड पर है।
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जयपुर पुलिस ने अवैध वसूली गिरोह की मदद करने के आरोप में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के एक प्रहरी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह जेल में बंद गैंग के बदमाशों को अनुचित सुविधाएं उपलब्ध कराता था और विदेश में बैठे गैंगस्टरों के संपर्क में भी था। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया।
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी 32 वर्षीय धारा सिंह चौहान दौसा जिले के राहवास गांव का निवासी है और अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में प्रहरी के पद पर तैनात है। पुलिस को पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
नाकाबंदी में खुला पूरा मामला
दौलतपुरा थाना पुलिस ने 6 अगस्त को नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध कार को रोका। तलाशी में कार से दो कारतूस और एक चाकू बरामद हुए। पुलिस ने झुंझुनूं जिले के बबाई निवासी 30 वर्षीय संदीप सिंह निर्वाण को गिरफ्तार किया, जो फिलहाल जयपुर के कालवाड़ रोड स्थित करधनी में रहता है। पुलिस ने अवैध हथियार और कार जब्त कर जांच शुरू की। पूछताछ में संदीप ने बताया कि वह अवैध वसूली गिरोह से जुड़ा है। उसने खुलासा किया कि दो-तीन दिन पहले उसे वसूली के 1.50 लाख रुपये मिले थे, जिनमें से 20 हजार रुपये उसने अपने परिचित सोहन सिंह को दिए थे।
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ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से खुली साजिश
पुलिस ने सोहन सिंह से पूछताछ की तो उसने बताया कि गांव के ही साथी और अजमेर जेल के प्रहरी धारा सिंह के कहने पर उसने संदीप से 20 हजार रुपये लिए थे। बाद में यह रकम उसने ऑनलाइन धारा सिंह के खाते में ट्रांसफर कर दी। धारा सिंह से पूछताछ में सामने आया कि यह पैसा अवैध वसूली गिरोह के सदस्य की ओर से जेल में बंद साथियों के खर्च और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भेजा गया था।
पांच महीने से कर रहा था मदद
दौलतपुरा थानाधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि धारा सिंह वर्ष 2019 में जेल प्रहरी के पद पर नियुक्त हुआ था। ड्यूटी के दौरान उसका संपर्क वसूली गिरोह से हुआ और मार्च 2026 से वह रुपयों के लालच में गिरोह के लिए काम करने लगा।
आरोप है कि वह जेल में बंद बदमाशों को सुविधाएं उपलब्ध कराता था और जेल की गतिविधियों की जानकारी अपने आकाओं तक पहुंचाता था। आरोपी ने अब तक करीब 50 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार की है। पुलिस को उसके विदेश में बैठे गैंगस्टरों से संपर्क के भी इनपुट मिले हैं। मामले में जेल में बंद एक अन्य आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी।