राहत भी-आफत भी: गहलोत सरकार ने राजस्थान में पेट्रोल-डीजल पर घटाया वैट, लेकिन इतनी महंगी कर दी बिजली
आज रात्रि 12 बजे से पेट्रोल में 4 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल में 5 रुपये प्रति लीटर दरों में कमी हो जायेगी। इससे राज्य सरकार 3500 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व की हानि वहन करेगी।
विस्तार
राजस्थान सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने का फैसला किया है। इसके बाद ईंधन की कीमतों में 4 से 5 रुपये की कमी आएगी। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, "आज मंत्रिमण्डल की बैठक में पेट्रोल/डीजल पर वैट की दर को कम करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके बाद आज रात्रि 12 बजे से पेट्रोल में 4 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल में 5 रुपये प्रति लीटर दरों में कमी हो जायेगी। इससे राज्य सरकार 3500 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व की हानि वहन करेगी।" हालांकि, दूसरी तरफ गहलोत सरकार ने ईंधन के दाम में राहत देने के बाद बिजली को महंगा कर दिया। राजस्थान में उपभोक्ताओं से तेल सरचार्ज वसूला जाएगा। यह सरचार्ज 33 पैसे प्रति यूनिट की दर से लगाया जाएगा।
आज मंत्रिमण्डल की बैठक में पेट्रोल/डीजल पर वैट की दर को कम करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके बाद आज रात्रि 12 बजे से पेट्रोल में 4 रुपये प्रति लीटर तथा डीजल में 5 रुपये प्रति लीटर दरों में कमी हो जायेगी।इससे राज्य सरकार 3500 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व की हानि वहन करेगी।
विज्ञापन— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 16, 2021विज्ञापन
दरअसल, 3 नवंबर 2021 को दिवाली से एक दिन पहले केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर पांच रुपये और डीजल पर दस रुपये वैट की कटौती की थी। इसके बाद दो दर्जन से अधिक भाजपा और कांग्रेस शासित राज्यों ने भी अपने यहां वैट में कटौती कर जनता को राहत दी थी। इसके बाद से ही राजस्थान सरकार पर भी वैट घटाने का दवाब था। सीएम गहलोत ने भी राज्य में पेट्रोल-डीजल के दाम घटाने की बात कही थी। हालांकि, इससे पहले गहलोत पीएम मोदी से अतिरिक्त एक्साइज, स्पेशल एक्साइज और सेस को घटाने की मांग कर चुके है।
इस संबंध में सीएम ने पीएम को खत भी लिखा है। सीएम गहलोत का तर्क है कि यदि केंद्र सरकार उनकी ओर से बढ़ाई एक्साइज को कम करेगी, तो राज्यों में पेट्रोल- डीजल की कीमतें खुद ब खुद कम हो जाएगी। गहलोत का कहना है कि राज्य उसी पर वैट लगाता है, जिस पर केंद्र की ओर से टैक्स लगाए जाते हैं।