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Salumbar: श्मशान घाट न होने के कारण नदी किनारे हुआ अंतिम संस्कार, ग्रामीणों ने सरकार के दावों पर उठाए सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सलूंबर
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Thu, 06 Nov 2025 09:08 PM IST
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सार
Salumbar News: सलूंबर के सरसिया गांव में श्मशान घाट न होने के कारण ग्रामीणों ने नदी किनारे अंतिम संस्कार किया। गांववालों ने एकता की मिसाल पेश की, लेकिन इस घटना ने सरकारी योजनाओं की हकीकत और बुनियादी सुविधाओं की कमी उजागर कर दी।
नदी किनारे दयनीय स्थिति में किया गया अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सलूंबर जिले के सराड़ा उपखंड की ग्राम पंचायत सरसिया के काड़ फला में गुरुवार को एक ग्रामीण का अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन गांव में श्मशान घाट की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीणों को नदी किनारे खुले मैदान में अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश से कीचड़ और पानी से भरे रास्तों के बीच ग्रामीणों ने हिम्मत और एकजुटता की मिसाल पेश की।
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एकता और मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण
गांव के लोग अपने साथी की अंतिम यात्रा में बिना किसी आदेश या नेतृत्व के एकजुट होकर शामिल हुए। नदी पार से लकड़ियां लाने और जलाने की व्यवस्था ग्रामीणों ने स्वयं की। पानी और कीचड़ से भरे रास्ते को पार करने के लिए लोगों ने रेल की पटरियों की तरह कतार बनाकर लकड़ियां आगे बढ़ाईं। कई ग्रामीण घुटनों तक पानी में खड़े होकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में सहयोग करते रहे। यह दृश्य ग्रामीण एकता और मानवता की गहरी झलक प्रस्तुत कर गया।
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अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
अंतिम संस्कार में बालुराम खराड़ी, अमरसिंह, भीमराज नंगावत, आर्यन, लालचंद कटारा, लोकेश कटारा, शंकर, अरविंद, सुरेश कटारा, राजकुमार कटारा, हरीश, चतरा, नानाजी हीरावत, भीमराज, सोमराज खराड़ी, मेघराज, धुलचंद तथा वार्ड पंच रामलाल माल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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सरकारी योजनाओं पर उठे सवाल
गांव में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने एक बार फिर सरकार के विकास दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से श्मशान घाट और पक्के रास्ते की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बारिश के दौरान रास्ता दलदली हो जाने से शव ले जाना बेहद कठिन हो जाता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार की कई योजनाएं कागजों तक सीमित हैं और जमीनी स्तर पर उनका कोई असर नहीं दिखता।
ग्रामीणों और पंचायत की यह मांग
गांववासियों ने प्रशासन से शीघ्र श्मशान घाट और पक्का मार्ग निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े। सरपंच ललित कुमार मीणा ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत ने प्रशासन को इस बारे में लिखित जानकारी दी है और जल्द ही श्मशान घाट तथा सड़क की व्यवस्था कराने का प्रयास किया जाएगा।
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